कुश्ती टूर्नामेंट में हरियाणा का जलवा, लेकिन विनेश क्यों नहीं पहुंचीं? WFI अध्यक्ष बोले-जवाब नहीं दिया तो विनेश पर लग सकता है प्रतिबंध?

गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में हरियाणा के पहलवानों का दबदबा दिखा। WFI अध्यक्ष ने विनेश फोगाट पर प्रतिबंध के संकेत दिए हैं।

कुश्ती टूर्नामेंट में हरियाणा का जलवा, लेकिन विनेश क्यों नहीं पहुंचीं? WFI अध्यक्ष बोले-जवाब नहीं दिया तो विनेश पर लग सकता है प्रतिबंध?

नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हरियाणा के पहलवानों का दबदबा

600 में से 80% खिलाड़ी हरियाणा से, विनेश फोगाट नहीं पहुंचीं

WFI अध्यक्ष बोले- जवाब नहीं दिया तो विनेश पर लग सकता है बैन

उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में हरियाणा के पहलवानों का दबदबा देखने को मिल रहा है। प्रतियोगिता में करीब 600 पहलवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से बताए जा रहे हैं।

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि 2023 में हुए पहलवान आंदोलन का भारतीय कुश्ती पर बड़ा असर पड़ा। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में भारत का लक्ष्य चार पदक जीतने का था, लेकिन टीम सिर्फ एक पदक ही हासिल कर सकी।

संजय सिंह ने दावा किया कि आंदोलन के कारण खिलाड़ियों की तैयारी भी प्रभावित हुई। हालांकि अब 2028 ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी गई है और भारत को चार से पांच पदक मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देशविरोधी ताकतें फिर से माहौल खराब करने की कोशिश कर सकती हैं। प्रतियोगिता में देश के 28 राज्यों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

इस बीच हरियाणा की महिला पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट को लेकर भी बड़ा बयान सामने आया है। WFI अध्यक्ष ने कहा कि विनेश ने अनुशासनहीनता मामले में जारी नोटिस का समय पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। अगर जवाब नहीं दिया गया तो उन पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

संजय सिंह ने यह भी कहा कि विनेश हर बात पर आरोप लगाने की आदी हो चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर विनेश फोगाट टूर्नामेंट में शामिल नहीं हुईं।

इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विनेश फोगाट और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच फिर से जुबानी जंग देखने को मिली।

 

विनेश फोगाट ने X पर एक शायरी पोस्ट करते हुए लिखा, “जिंदगी फंसी है किसी मझधार में, जमाना ढूंढ़ता है खामी मेरे किरदार में...”। उनके समर्थक इस पोस्ट को संघर्ष और आत्मसम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।

इसके कुछ घंटों बाद बृजभूषण शरण सिंह ने भी एक शेर साझा किया। उन्होंने लिखा, “बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो, वह टूट भी सकती है।” हालांकि दोनों नेताओं ने सीधे तौर पर एक-दूसरे का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे इशारों में जवाब माना जा रहा है।