हरियाणा में पहली बार वॉर्म नाइट अलर्ट, 6 जिलों में गर्म रातों का खतरा
हरियाणा के 6 जिलों में वॉर्म नाइट का अलर्ट जारी हुआ है। दिन में लू और रात में बढ़ती गर्मी के बीच 26 अप्रैल से मौसम बदलने और बारिश की संभावना जताई गई है।
➤ हरियाणा के 6 जिलों में वॉर्म नाइट का यलो अलर्ट जारी
➤ दिन में लू का कहर, तापमान 43°C के करीब पहुंचा
➤ 26 अप्रैल से मौसम बदलेगा, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
हरियाणा में इस बार गर्मी ने नया ट्रेंड दिखाना शुरू कर दिया है। अब सिर्फ दिन ही नहीं बल्कि रातें भी लोगों को राहत नहीं दे रही हैं। मौसम विभाग ने पहली बार प्रदेश में वॉर्म नाइट (गर्म रात) का यलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहेगा और शरीर को ठंडक नहीं मिल पाएगी।
प्रदेश के दक्षिण हरियाणा के जिलों—नारनौल, रेवाड़ी, पलवल, नूंह, चरखी दादरी और रोहतक—में खासतौर पर रातें गर्म रहने की चेतावनी दी गई है। वहीं सिरसा, फतेहाबाद और हिसार को छोड़कर लगभग पूरे प्रदेश में लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक प्रदेश में अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 26 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे मौसम में बदलाव आएगा। इस दौरान बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। सबसे अधिक तापमान 42.9°C फरीदाबाद में दर्ज किया गया। इसके अलावा भिवानी 42.5°C, नारनौल 42°C, गुरुग्राम और सिरसा 41°C के आसपास रहे। वहीं रोहतक, हिसार और करनाल में तापमान 39 से 40°C के बीच बना रहा। औसतन अधिकतम तापमान सामान्य से 1.8°C ज्यादा दर्ज किया गया है।
रात के तापमान में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। हालांकि औसतन न्यूनतम तापमान में -0.5°C की मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह अभी भी सामान्य के आसपास बना हुआ है। सबसे ठंडी रात 18°C करनाल में रही, जबकि हिसार 20.4°C, रोहतक 24°C, गुरुग्राम 23.5°C और नारनौल 26°C तक तापमान दर्ज किया गया।
वॉर्म नाइट ऐसी स्थिति को कहा जाता है, जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-5°C ज्यादा बना रहता है। इससे शरीर को ठंडक नहीं मिलती और हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए किसानों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। गेहूं की फसल में यलो रस्ट और दीमक की निगरानी रखने को कहा गया है। वहीं एफिड (चेपा) के नियंत्रण के लिए नीम आधारित या अनुशंसित दवाओं के छिड़काव की सलाह दी गई है।
इसके अलावा सरसों और रेपसीड में कीटों पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार स्प्रे करने को कहा गया है। फलदार पौधों, खासकर साइट्रस फसलों में रोग नियंत्रण और सिंचाई बढ़ाने की सलाह दी गई है।
हिसार क्षेत्र के किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए सरसों की कटाई कुछ दिन रोकने और कपास व मूंग की बुवाई फिलहाल टालने की सलाह दी गई है।
Akhil Mahajan