1 अप्रैल से हरियाणा के हाईवे पर बढ़ेगा टोल खर्च, दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और अंबाला-चंडीगढ़ रूट होंगे प्रभावित

1 अप्रैल से हरियाणा में दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और अंबाला-चंडीगढ़ रूट पर टोल दरें बढ़ेंगी। NHAI के फैसले से प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

1 अप्रैल से हरियाणा के हाईवे पर बढ़ेगा टोल खर्च, दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और अंबाला-चंडीगढ़ रूट होंगे प्रभावित

1 अप्रैल से हरियाणा के हाईवे पर बढ़ेगा टोल खर्च
दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और अंबाला-चंडीगढ़ रूट होंगे प्रभावित
प्राइवेट और कमर्शियल दोनों वाहनों पर बढ़ेगा बोझ


हरियाणा समेत देशभर में 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सफर महंगा होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ टोल दरों में औसतन 4 से 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा।

हरियाणा के लिहाज से सबसे बड़ा असर दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और अंबाला-चंडीगढ़ रूट पर देखने को मिलेगा। इन रूट्स पर प्राइवेट वाहनों और कमर्शियल गाड़ियों दोनों के लिए टोल शुल्क में 5 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे रोजाना इन मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों का खर्च बढ़ जाएगा।

देश के अन्य प्रमुख रूट्स की बात करें तो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए एक तरफ का टोल 170 रुपये से बढ़ाकर 175 रुपये कर दिया गया है। वहीं, रिटर्न जर्नी का किराया भी बढ़कर 265 रुपये हो जाएगा।

इसी तरह, दिल्ली-जयपुर हाईवे और उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख मार्गों पर भी 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू की गई है। लखनऊ-कानपुर, अयोध्या और रायबरेली जैसे रूट्स पर निजी वाहनों को अब पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा।

दक्षिण भारत में भी इसका असर देखने को मिलेगा। बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर कारों के किराए में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन बड़े वाहनों के लिए 5 से 15 रुपये तक की वृद्धि तय मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल की तरह यह टोल वृद्धि महंगाई और मेंटेनेंस लागत को ध्यान में रखते हुए की गई है। हालांकि, इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो रोजाना हाईवे का इस्तेमाल करते हैं।

हरियाणा के औद्योगिक और ट्रांसपोर्ट हब जैसे पानीपत, सोनीपत और अंबाला में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है, जहां भारी संख्या में वाहन रोजाना गुजरते हैं। इससे सामान की ढुलाई लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर बाजार पर भी पड़ने की संभावना है।

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विभिन्न रूटों पर कितना बढ़ेगा टोल? 


  • यूपी में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे-9 और लखनऊ-कानपुर जैसे रूट्स पर टोल पर खर्च 5 परसेंट तक बढ़ जाएगा. इससे दिल्ली से मेरठ या लखनऊ से कानपुर सफर करने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
  • राजस्थान में जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर और जयपुर-किशनगढ़ जैसे रूट्स पर भी टोल प्लाजा पर खर्च बढ़ने की संभावना है. बताया जा रहा है कि जयपुर-किशनगढ़ रुट्स पर कारों के लिए टोल 140 रुपये से 155 हो जाएगा. वहीं, लंबी दूरी के लिए जैसे कि दिल्ली से मुंबई वाया राजस्थान होकर सफर करने वालों को हर टोल पर एक्स्ट्रा 5-15 रुपये देने होंगे. 
  • दक्षिण भारत के तमिलनाड़ु में 65 से ज्यादा टोल है. 1 अप्रैल से इनमें टोल चार्जेस में बढ़ोतरी के संभावित अनुमान का असर चेन्नई बाईपास और चेन्नई-तिरुपति हाईवे पर सफर करने वालों को अब पहले के मुकाबले अब अधिक पैसे खर्च करने होंगे. 
  • बेंगलुरु-मैसूर और बेंगलुरु एयरपोर्ट रोड पर भी औसतन 3-5 परसेंट टोल बढ़ने की संभावना है. इन रूट्स पर भारी ट्रैफिक रहती है.
  • दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और अंबाला-चंडीगढ़ रूट पर कमर्शियल वाहनों के साथ-साथ प्राइवेट व्हीकल्स पर भी टोल पर खर्च 5-15 रुपये के बीच बैठ सकता है.