हरियाणा में होंगे स्टेट ओलंपिक गेम्स 2025, 10 जिलों में दिखेगा खिलाड़ियों का जौहर

हरियाणा सरकार 2025 में स्टेट ओलंपिक गेम्स का आयोजन 10 जिलों में 24 स्थानों पर करेगी। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व ओलंपिक स्तर की तैयारी का मंच मिलेगा। गुरुग्राम से लेकर दिल्ली तक होंगे रोमांचक खेल मुकाबले।

हरियाणा में होंगे स्टेट ओलंपिक गेम्स 2025, 10 जिलों में दिखेगा खिलाड़ियों का जौहर

हरियाणा स्टेट ओलंपिक गेम्स 2025 का बड़ा आयोजन तय
10 जिलों में 24 स्थानों पर होंगे राज्य स्तरीय खेल मुकाबले
युवा एथलीटों को मिलेगा राष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर का मंच


हरियाणा सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें राष्ट्रीय व ओलंपिक स्तर की तैयारी के लिए मंच प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में जल्द ही हरियाणा स्टेट ओलंपिक गेम्स 2025 का आयोजन भव्य स्तर पर किया जाएगा। इस बार प्रतियोगिताएं राज्य के 10 जिलों में 24 स्थानों पर आयोजित की जाएंगी, जिससे हर जिले के खिलाड़ियों को अपने गृह क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।

खेल विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, गुरुग्राम में हैंडबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और टेबल टेनिस के मुकाबले होंगे। वहीं सोनीपत में नेटबॉल, बास्केटबॉल और कुश्ती (रेसलिंग) के खिलाड़ी मैदान में दमखम दिखाएंगे।

फरीदाबाद में वेटलिफ्टिंग, फेंसिंग, आर्चरी (तीरंदाजी) और टेनिस के रोमांचक इवेंट होंगे। पंचकूला में कबड्डी, जूडो, कराटे और बैडमिंटन के मुकाबले दर्शकों में जोश भर देंगे।

कुरुक्षेत्र में योग, साइकिलिंग और वॉलीबॉल के मुकाबले होंगे, जबकि रोहतक में मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) के दमदार मैच देखने को मिलेंगे। करनाल में फुटबॉल के शानदार मुकाबले होंगे।

राजधानी चंडीगढ़ में कयाकिंग और कैनोइंग के इवेंट होंगे, जबकि दिल्ली में शूटिंग और ट्रैक साइकिलिंग के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।

राज्य सरकार ने बताया कि इन खेलों का मुख्य उद्देश्य है हरियाणा की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिलाना, स्पोर्ट्समैनशिप की भावना को मजबूत करना और युवा एथलीटों को ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना

हरियाणा पहले से ही देश में खेल प्रतिभा का गढ़ माना जाता है — ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत का नाम रोशन किया है। अब राज्य सरकार चाहती है कि हर स्तर का खिलाड़ी, चाहे वह ग्रामीण इलाकों से हो या शहरी क्षेत्र से, उसे राज्य स्तरीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का समान अवसर मिले।

खेल विभाग के अनुसार, इन आयोजनों में सुव्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक ट्रैक, डिजिटल स्कोरिंग सिस्टम और वीडियो रेफरी सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें भी उपयोग में लाई जाएंगी।

राज्य सरकार ने कहा कि इन खेलों से न केवल खेल संस्कृति मजबूत होगी, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रीय गर्व की भावना भी विकसित होगी।