हरियाणा में ठंड का सितम, रविवार तक बंद रहेंगे प्रदेश के सभी स्कूल
हरियाणा में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर लगातार जारी है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां रविवार 18 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। अब सोमवार से स्कूल खुलने की संभावना है।
➤ हरियाणा में कड़ाके की ठंड के चलते स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं
➤ अब रविवार तक बंद रहेंगे प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल
➤ शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए शिक्षा विभाग का फैसला
उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच हरियाणा सरकार ने स्कूली बच्चों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में लगातार गिरते तापमान और सुबह के समय छा रहे घने कोहरे को देखते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग ने स्कूलों की छुट्टियां रविवार 18 जनवरी 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे पहले विभाग की ओर से 15 जनवरी तक विंटर वेकेशन घोषित की गई थी, लेकिन मौसम के लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए अब छुट्टियों की अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है।
भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट और कई जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंचने के बाद यह फैसला लिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह आदेश लागू किया गया है। ठंड और कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो रही है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विभाग के अनुसार अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल सोमवार 19 जनवरी 2026 को दोबारा खुलेंगे। हालांकि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को लेकर कुछ जिलों में अतिरिक्त कक्षाओं की अनुमति दी जा सकती है। इन कक्षाओं का समय सुबह 10 बजे के बाद रखा जाएगा, ताकि कोहरे और अत्यधिक ठंड से छात्रों को बचाया जा सके।
शिक्षा निदेशालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि कोई भी स्कूल यदि इन आदेशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को स्कूल भेजने से पहले आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और अपने संबंधित स्कूल प्रबंधन से संपर्क में रहें।
प्रदेश में बीते कुछ दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है। कई जिलों में दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है, ऐसे में शिक्षा विभाग का यह निर्णय अभिभावकों और छात्रों दोनों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
Akhil Mahajan