रात 2 बजे जल योद्धाओं को उठाने पहुंची पुलिस, पूरा गांव धरने पर पहुंचा; महिलाओं के विरोध के बाद लौटा प्रशासन

चानौत गांव में आमरण अनशन पर बैठे जल योद्धाओं को रात 2 बजे हटाने पहुंचे पुलिस प्रशासन का ग्रामीणों और महिलाओं ने विरोध किया, जिसके बाद पुलिस को लौटना पड़ा।

रात 2 बजे जल योद्धाओं को उठाने पहुंची पुलिस, पूरा गांव धरने पर पहुंचा; महिलाओं के विरोध के बाद लौटा प्रशासन

➤ रात 2 बजे आमरण अनशन पर बैठे पांच जल योद्धाओं को हटाने पहुंची पुलिस

➤ सूचना मिलते ही पूरा गांव और बड़ी संख्या में महिलाएं धरना स्थल पर पहुंचीं

➤ ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस प्रशासन को वापस लौटना पड़ा


चानौत गांव में पीने के पानी की मांग को लेकर चल रहे आमरण अनशन के बीच बुधवार देर रात तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 2 बजे पुलिस प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर पहुंचा और आमरण अनशन पर बैठे पांचों जल योद्धाओं को जबरन उठाने का प्रयास किया।

धरना स्थल पर पुलिस की मौजूदगी की सूचना गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते पूरा गांव धरना स्थल पर एकत्र हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए आंदोलनकारियों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

इस दौरान गांव की महिलाएं भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचीं और शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन में खड़ी हो गईं। महिलाओं और ग्रामीणों की बढ़ती मौजूदगी के बीच स्थिति संवेदनशील हो गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को पीछे हटना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल गांव में पीने के पानी की समस्या का समाधान करवाना है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

धरना स्थल से ग्रामीणों ने क्षेत्र के लोगों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में चानौत गांव पहुंचकर इस पानी बचाओ और पानी दिलाओ आंदोलन को समर्थन दें। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल एक गांव की नहीं बल्कि आम लोगों के बुनियादी अधिकारों की लड़ाई है।

फिलहाल गांव में आंदोलन जारी है और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।