इंतकाल के नाम पर 8 हजार की रिश्वत, महिला पटवारी और पति रंगेहाथ गिरफ्तार

जींद के उचाना में पुश्तैनी भूमि के इंतकाल में संशोधन के बदले 8 हजार रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में महिला पटवारी नीलम और उसके पति को ACB ने गिरफ्तार किया है।जींद के उचाना में पुश्तैनी भूमि के इंतकाल में संशोधन के बदले 8 हजार रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में महिला पटवारी नीलम और उसके पति को ACB ने गिरफ्तार किया है।

इंतकाल के नाम पर 8 हजार की रिश्वत, महिला पटवारी और पति रंगेहाथ गिरफ्तार

पुश्तैनी जमीन के इंतकाल में संशोधन के लिए मांगी गई 8 हजार रुपए रिश्वत
उचाना बस स्टैंड के पास पेट्रोल पंप पर पति सतीश कुमार रंगेहाथ पकड़ा गया
ACB ने महिला पटवारी नीलम को भी घर से गिरफ्तार किया


जींद जिले के उचाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी और उसके पति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने पुश्तैनी भूमि के इंतकाल में संशोधन करने के बदले शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उचाना में तैनात हल्का पटवारी नीलम और उसके पति सतीश कुमार के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल में मामला दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को दी शिकायत में बताया था कि उसकी पैतृक भूमि का इंतकाल उसके और उसके भाइयों के नाम दर्ज किया जाना था। इस प्रक्रिया में संशोधन करने के बदले पटवारी नीलम और उसका पति सतीश कुमार उससे 8 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी करनाल इकाई और जींद टीम ने मामले का सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने पर अधिकारियों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की।

कार्रवाई के दौरान उचाना बस स्टैंड के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर सतीश कुमार शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। एसीबी टीम ने मौके पर ही उसे हिरासत में ले लिया।

जांच के दौरान सामने आया कि रिश्वत की मांग में उसकी पत्नी और हल्का पटवारी नीलम भी शामिल थी। इसके बाद एसीबी की टीम ने गांव काकड़ोद स्थित उसके आवास पर पहुंचकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

ब्यूरो अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का कहना है कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।