हरियाणा में नई सिटी गैस पॉलिसी लागू: अब सिलेंडर नहीं पाइपलाइन से घर-घर पहुंचेगी गैस

हरियाणा सरकार ने नई सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी लागू करने का फैसला किया। घर-घर पाइपलाइन से गैस पहुंचेगी। निवेश बढ़ेगा और उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलेगा।

हरियाणा में नई सिटी गैस पॉलिसी लागू: अब सिलेंडर नहीं  पाइपलाइन से घर-घर पहुंचेगी गैस

  • हरियाणा में लागू होगी नई सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी

  • घर-घर पाइपलाइन से पहुंचेगी गैस, सिलेंडर पर निर्भरता घटेगी

  • निवेशकों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा


चंडीगढ़। हरियाणा सरकार राज्य में स्वच्छ और सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) पॉलिसी लागू करने जा रही है। शुक्रवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग सहित संबंधित विभागों की उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें इस पॉलिसी के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) से प्राप्त सुझावों को इस नई नीति में शामिल किया जाए, ताकि यह राष्ट्रीय मानकों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बने। उन्होंने कहा कि नई सीजीडी पॉलिसी से हरियाणा की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

घर-घर पाइपलाइनों से पहुंचेगी गैस

नई नीति के लागू होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं तक पाइप के जरिए सीधे गैस सप्लाई की जाएगी, जिससे सिलेंडर की आवश्यकता कम होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिलेगा, क्योंकि जितनी गैस इस्तेमाल होगी उतने ही पैसे चुकाने होंगे। यह कदम कच्चे तेल पर निर्भरता कम करेगा और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देगा।

निवेश के लिए नए अवसर

प्रस्तावित पॉलिसी से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के निवेशकों के लिए बड़े अवसर खुलेंगे और पाइपलाइन अवसंरचना के निर्माण में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि नीति में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है।

सिंगल विंडो सिस्टम से अनुमति

ड्राफ्ट सीजीडी पॉलिसी-2025 के अनुसार PNGRB द्वारा अधिकृत कंपनियां राज्य के सिंगल विंडो पोर्टल investharyana.in के माध्यम से राइट ऑफ यूज़ (ROU) और राइट ऑफ वे (ROW) की मंजूरी के लिए आवेदन कर सकेंगी। सभी आवेदनों में GIS आधारित रूट मैप, कार्य योजना और तकनीकी विवरण देना अनिवार्य होगा।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह पॉलिसी 2010 में बनी HSIIDC की नीति का आधुनिक अद्यतन संस्करण है। उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी का समन्वय उद्योग एवं वाणिज्य विभाग नोडल एजेंसी के रूप में करेगा।