हरियाणा के तीन नगर निगमों में मेयर पद के लिए आरक्षण घोषित

हरियाणा में पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों के मेयर पद के लिए आरक्षण घोषित, अंबाला BC-B महिला के लिए रिजर्व, 6 निकायों में उपचुनाव भी होंगे।

हरियाणा के तीन नगर निगमों में मेयर पद के लिए आरक्षण घोषित


➤ अंबाला मेयर सीट BC-B महिला के लिए आरक्षित, पंचकूला और सोनीपत अनारक्षित
➤ राज्य में 6 निकायों में उपचुनाव कराने की भी घोषणा



चंडीगढ़. हरियाणा में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर मेयर पदों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है। राज्य चुनाव आयोग ने पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगमों में मेयर पद के लिए ड्रा प्रक्रिया पूरी कर ली है। ड्रॉ के तहत अंबाला नगर निगम की मेयर सीट को बीसी-B वर्ग की महिला के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। वहीं पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों की मेयर सीटें अनारक्षित रखी गई हैं।

इन तीनों नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो चुका है। इसके चलते यहां चुनाव कराना अनिवार्य हो गया था। इससे पहले 1 दिसंबर और 15 दिसंबर को ड्रॉ की तारीख तय की गई थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से दोनों बार प्रक्रिया टाल दी गई थी। आज तीसरी बार ड्रॉ कर आरक्षण की स्थिति तय की गई है।

इसी तरह नगर परिषद रेवाड़ी और नगर पालिका सांपला, उकलाना व धारूहेड़ा में प्रधान पद के आरक्षण पर भी फैसला लिया गया है। नियमों के तहत गठित समिति की बैठक में रोटेशन और अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशत को आधार बनाया गया। इसके अनुसार नगर परिषद रेवाड़ी में प्रधान पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है।

नगर पालिका उकलाना में प्रधान का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। वहीं सांपला और धारूहेड़ा में ड्रॉ ऑफ लॉट के जरिए आरक्षण तय किया गया है।

राज्य चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश के छह नगर निकायों में उपचुनाव कराए जाएंगे। इनमें टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर एक-एक वार्ड पार्षद के लिए उपचुनाव होंगे।

नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय पूरी तरह तैयारी में जुटा हुआ है। आयोग की ओर से 27 जनवरी को अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई है, जिसमें चुनाव की तारीखों और प्रक्रिया को लेकर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। सभी संबंधित निकायों से मतदाता संख्या भी मंगवाई जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने ईवीएम से मतदान की तैयारी पहले से ही पूरी कर रखी है।

पंचकूला नगर निगम का कार्यकाल 4 जनवरी, सोनीपत नगर निगम का 6 जनवरी और अंबाला नगर निगम का 13 जनवरी को पूरा हो चुका है। फिलहाल तीनों निगमों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं।

मेयर सीटों के आरक्षण को लेकर कानूनी सवाल भी उठे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार का कहना है कि प्रदेश के सभी नगर निगमों में मेयर पद के लिए एक साथ ड्रॉ होना चाहिए था। उनका तर्क है कि दिसंबर 2016 में भी प्रदेश के सभी नगर निगमों के लिए एक साथ आरक्षण ड्रॉ किया गया था, भले ही चुनाव अलग-अलग समय पर कराए गए हों।

ड्रॉ प्रक्रिया में देरी का एक कारण हाल ही में हुआ आईएएस अधिकारियों का तबादला भी रहा। 2009 बैच के आईएएस पंकज कुमार के स्थानांतरण और 2006 बैच के आईएएस अशोक मीणा की यूएलबी डायरेक्टर पद पर नियुक्ति के कारण प्रक्रिया को दो बार स्थगित करना पड़ा था।