हरियाणा में बिजली हड़ताल पर बैठक शुरू, मोर्चा बोला-लाइसेंस कैंसिल होगा, तभी स्ट्राइक खत्म

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पंचकूला में अनिल विज की बैठक शुरू हुई। अधिकारियों के बाद यूनियन नेताओं से बातचीत होगी।

हरियाणा में बिजली हड़ताल पर बैठक शुरू, मोर्चा बोला-लाइसेंस कैंसिल होगा, तभी स्ट्राइक खत्म

➤ पंचकूला में बिजली मंत्री अनिल विज की अहम बैठक शुरू
➤ अधिकारियों के बाद कर्मचारी नेताओं से होगी बातचीत
➤ 15 जिलों में बिजली संकट के बीच समाधान की उम्मीद


पंचकूला। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शुक्रवार को पंचकूला के PWD रेस्ट हाउस में अहम बैठक शुरू हो गई है। बिजली मंत्री अनिल विज अधिकारियों के साथ बंद कमरे में मौजूदा स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं। इसके बाद हड़ताल पर गए कर्मचारी संगठनों के नेताओं के साथ बातचीत होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में आज महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है।

बिजली कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के विरोध में हड़ताल पर हैं। गुरुवार से शुरू हुई हड़ताल का असर प्रदेश के करीब 15 जिलों में देखने को मिला है। शुक्रवार को भी कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई इलाकों में बिजली संकट

हड़ताल के कारण हिसार के पॉश इलाकों में करीब 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने की बात सामने आई है। परेशानी से नाराज लोगों ने सड़क पर जाम भी लगाया। कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी बिजली समस्या को लेकर लोगों के सड़क पर उतरने की जानकारी सामने आई है।

गुरुग्राम और हांसी के कई शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली संकट का असर केवल घरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पानी की सप्लाई और रोजमर्रा के कामकाज पर भी पड़ा है।

नारनौल में बिजली की समस्या के चलते लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए नागरिक अस्पताल तक पहुंचते दिखाई दिए। वहीं, बिजली संकट के कारण कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखने का फैसला लिया है।

पानीपत थर्मल की दो यूनिट बंद

हड़ताल के बीच पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इससे बिजली संकट को लेकर सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ गई है।

इस बीच बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के उपप्रधान बलजीत बेनीवाल ने कहा है कि पहले बिजली आपूर्ति का लाइसेंस रद्द करवाया जाएगा और उसके बाद ही हड़ताल वापस लेने पर विचार किया जाएगा।

विज ने कर्मचारियों से की हड़ताल खत्म करने की अपील

बिजली मंत्री अनिल विज ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों और सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 के तहत कार्रवाई का विकल्प भी शामिल है।

इससे पहले विज ने कर्मचारी नेताओं से बातचीत की बात कही थी और आज दोपहर तीन बजे बैठक का कार्यक्रम तय किया गया था। अब पंचकूला में अधिकारियों के साथ बैठक शुरू हो चुकी है। इसके बाद यूनियन नेताओं के साथ बातचीत होगी।

विपक्ष और कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार पर दबाव बढ़ाया

बिजली हड़ताल के बीच विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी बिजली वितरण का काम निजी हाथों में सौंपने का विरोध करती है और सरकार से गुरुग्राम तथा नूंह में निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस को रद्द करने की मांग की।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए बिजली और पानी के संकट का मुद्दा उठाया। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी सरकार की बिजली नीति पर सवाल खड़े किए हैं।

वहीं, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन और हरियाणा के बिजली इंजीनियर संगठनों ने भी सरकार से गुरुग्राम और नूंह में दिए गए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

अब सभी की नजरें अनिल विज और बिजली कर्मचारी यूनियन नेताओं के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच समाधान निकलता है तो प्रदेश में बिजली आपूर्ति सामान्य होने की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।