4 साल की बच्ची से डिजिटल रेप मामले में खुलासा, पिता पर आरोप; माता-पिता गिरफ्तार
रोहतक में 4 साल की बच्ची से डिजिटल रेप मामले में डेढ़ महीने की जांच के बाद पिता पर आरोप लगे। पुलिस ने मामले में बच्ची के माता-पिता को गिरफ्तार किया।
रोहतक में 4 साल की बच्ची से डिजिटल रेप के मामले में डेढ़ महीने की जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा
➤ आरोप है कि पिता ने ही बच्ची के साथ गलत काम किया, मां पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप
➤ स्कूल को बदनाम करने और पैसे ऐंठने के लिए झूठी शिकायत की आशंका, पुलिस ने आरोपी माता-पिता को गिरफ्तार किया
हरियाणा के रोहतक में 4 साल की बच्ची से डिजिटल रेप के मामले में करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोप है कि बच्ची के साथ गलत काम किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पिता ने ही किया था। मामले में बच्ची की मां पर भी पिता के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है। बताया गया है कि स्कूल को बदनाम करने और पैसे ऐंठने के लिए बच्ची के पिता ने पहले स्कूल में एक लड़के पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। जांच आगे बढ़ने पर मामले की कहानी बदल गई और पुलिस ने आरोपी माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया।
मामले का खुलासा मजिस्ट्रेट के सामने बच्ची से बातचीत के दौरान हुआ। बताया गया है कि मजिस्ट्रेट ने बच्ची के पास खिलौने और चॉकलेट रखकर खेल-खेल में उससे बातें कीं। इसी दौरान बच्ची ने अपने पिता का नाम लिया। इसके बाद जांच की दिशा बदल गई। पुलिस ने बच्ची के कपड़े भी बरामद किए हैं। आरोप है कि कपड़ों पर खून लगा हुआ था और उन्हें धोकर साफ करने की कोशिश की गई थी।
मजिस्ट्रेट के सामने बातचीत में सामने आया पिता का नाम
इस मामले में बच्ची से अलग-अलग मौकों पर पूछताछ की गई। बाल कल्याण समिति (CWC) रोहतक के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक के मुताबिक, बच्ची ने अलग-अलग समय पर पूछताछ के दौरान अलग-अलग बातें बताईं। एक बार उसने अपने बयान भी बदल दिए। इसके पीछे माता-पिता का दबाव होने की बात सामने आई है।
मजिस्ट्रेट के सामने बच्ची से बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी मिली। खिलौनों और चॉकलेट के बीच खेल-खेल में की गई बातचीत में बच्ची ने पिता का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की। हालांकि, बच्ची के बयानों और मामले से जुड़े सभी तथ्यों का मूल्यांकन जांच के दौरान किया गया।
स्कूल में छेड़छाड़ का आरोप लगाकर दर्ज कराया था मामला
इस मामले की शुरुआत 16 सितंबर को हुई थी। उस दिन बच्ची के पिता ने आरोप लगाया था कि स्कूल में एक लड़के ने उनकी बेटी के प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की है। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई। महम के डीएसपी तनुज शर्मा ने इस मामले की जांच की।
जांच के दौरान बाल कल्याण समिति (CWC) ने भी बच्ची की काउंसलिंग की। बच्ची से बातचीत और अन्य तथ्यों की पड़ताल के बाद मामले में नया मोड़ आया। शुरुआती शिकायत में स्कूल के एक लड़के पर आरोप लगाया गया था, लेकिन जांच के दौरान पिता की भूमिका सामने आने का दावा किया गया।
करीब डेढ़ महीने तक चली जांच, माता-पिता गिरफ्तार
करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों ने स्कूल को बदनाम करने और उससे पैसे ऐंठने के इरादे से साजिश रची थी। पुलिस ने बच्ची के कपड़े भी बरामद किए हैं, जिन्हें इस मामले से जुड़ा अहम साक्ष्य बताया जा रहा है। आरोप है कि कपड़ों पर खून लगा था और उन्हें धोकर साफ करने का प्रयास किया गया।
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक के अनुसार, बच्ची के बयान अलग-अलग मौकों पर बदले थे और एक बार उसने माता-पिता के दबाव में भी बयान बदले। मामले के खुलासे के बाद आरोपी माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan