हरियाणा में ओलावृष्टि से फसलों की तबाही, 7 जिलों के किसान संकट में

हरियाणा के 7 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। 100 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं और 3-4 अप्रैल को फिर मौसम खराब होने का अलर्ट जारी किया गया है।

हरियाणा में ओलावृष्टि से फसलों की तबाही, 7 जिलों के किसान संकट में

7 जिलों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
100 से ज्यादा गांवों में गेहूं, सरसों और चना प्रभावित
3-4 अप्रैल को फिर मौसम बिगड़ने का अलर्ट


हरियाणा में मंगलवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ जिलों के 100 से अधिक गांवों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल ओलों और तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। सबसे ज्यादा नुकसान हिसार के मिर्जापुर सहित ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला, जहां खेतों में फसल पूरी तरह गिर चुकी है और किसान मायूस नजर आ रहे हैं।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से हैं और इस नुकसान की गंभीरता को समझते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पटवारी और तहसीलदारों की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।हिसार के मिर्जापुर गांव में बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेत में बिछी गेहूं की फसल। - Dainik Bhaskar

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार 1 और 2 अप्रैल को मौसम सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन 3 और 4 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बदल सकता है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अभी फसल की कटाई न करें और खेतों में गिरी फसल को सूखने दें। उनका कहना है कि ओलावृष्टि के कारण गेहूं के दाने झड़ सकते हैं और गुणवत्ता खराब हो सकती है, जिससे मंडियों में उचित दाम मिलने में भी परेशानी होगी।हिसार के ग्रामीण इलाकों में गिरे ओलों को बाल्टी में भरकर दिखाता व्यक्ति।

मौसम में आए इस बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। 31 मार्च को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट आई, जबकि रोहतक में तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। भिवानी में भी करीब 3 डिग्री की गिरावट देखी गई। वहीं गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा।न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। करनाल में तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी कम है। हिसार और नारनौल में रात का तापमान 16 से 17.1 डिग्री के बीच रहा। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में लोगों को फिर हल्की ठंड का अहसास हो रहा है।