CM दौरे से पहले हाउस अरेस्ट,कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया पर पुलिस का एक्शन,आफताब अहमद ने VIDEO से घेरा

नूंह में CM नायब सैनी के दौरे से पहले युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया हाउस अरेस्ट हुए। आफताब अहमद ने कार्रवाई पर सरकार को घेरा।

CM नायब सैनी के नूंह दौरे से पहले युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया हाउस अरेस्ट

➤ विधायक आफताब अहमद ने VIDEO जारी कर सरकार पर साधा निशाना, बोले- मुख्यमंत्री डरता है तो पुलिस को आगे करता है

➤ गुरुग्राम में काले झंडे दिखाने के बाद बढ़ा सियासी तनाव, 8 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर केस और 17 पुलिसकर्मी सस्पेंड

नूंह। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शनिवार को नूंह दौरे से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दिया। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पुलिस ने युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया सहित कई कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। मुबीन तेडिया को उनके पुनहाना स्थित निवास पर कार्यकर्ताओं सहित पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है।

मुख्यमंत्री  नायब सैनी के नूंह दौरे से पहले युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया को उनके पुनहाना स्थित निवास पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं सहित हाउस अरेस्ट किया हुआ है। - Dainik Bhaskar

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नूंह की सियासत गरमा गई। नूंह विधायक और कांग्रेस दल के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “जब जब मुख्यमंत्री डरता है, पुलिस को आगे करता है। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुबीन खान को हाउस अरेस्ट करना निंदनीय है।”

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को अनाज मंडी में मेवात कैडर के टीचरों के कार्यक्रम और मेवात विकास एजेंसी की बैठक में भाग लेने नूंह पहुंच रहे हैं। इसी दौरे से पहले पुलिस की ओर से कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।

मुबीन तेडिया पहले भी सीएम के पोस्टर पर कालिख पोत चुके

युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया पहले भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। खबर के मुताबिक, वह पहले बसों पर मुख्यमंत्री के पोस्टर पर कालिख पोत चुके हैं। अब मुख्यमंत्री के नूंह दौरे से पहले पुलिस ने उन्हें उनके पुनहाना स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं के साथ हाउस अरेस्ट कर लिया।

इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से पुलिस और सरकार पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पार्टी नेताओं को इस तरह घर में नजरबंद करना राजनीतिक विरोध को दबाने की कोशिश है।

गुरुग्राम में सीएम के काफिले को दिखाए थे काले झंडे

नूंह में मौजूदा घटनाक्रम के पीछे गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने की घटना भी अहम मानी जा रही है। 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने गुरुग्राम गए थे। इस दौरान कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव की अगुवाई में 15 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को बीच सड़क पर काले झंडे दिखाए थे।

पुलिस ने इस मामले में मौके से ही कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें नीरज यादव, निवासी मानेसर, शिव, निवासी घटोला, निखिल, निवासी भिवानी, अनुज, निवासी कन्हई, हरकेश, निवासी फिरोज गांधी कॉलोनी, अमन निवासी पटौदी चौक, मनोहर नगर, राजीव यादव निवासी कृष्णा नगर और हरेन्द्र निवासी तावडू जिला मेवात शामिल थे।

इस घटना के बाद मामला और बढ़ गया। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज होने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव भी किया था।

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया था केस

गुरुग्राम में हुए प्रदर्शन के मामले में ASI चांद राम की ओर से थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने BNS की धाराओं 115(2), 121(1), 126(2), 190, 191(2), 221, 132, 285, 270 के तहत केस दर्ज किया था।

केस में घटना की तारीख और स्थान 21 अगस्त 2026, सिविल लाइन रोड, जॉन हाल के पास, गुरुग्राम बताया गया था। पुलिस की ओर से दर्ज मामले में कहा गया था कि मुख्यमंत्री के काफिले के निकलते ही कुछ असामाजिक तत्व सड़क पर आ गए और रास्ता रोककर नारेबाजी करने लगे।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश के दौरान आरोपियों ने QRT जवानों के साथ हाथापाई और मारपीट की। पुलिस का आरोप था कि इस दौरान वर्दी फाड़ी गई और जवानों को शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं।

8 कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार, बाद में बेल बॉन्ड पर रिहा

इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार 21 अगस्त की रात कांग्रेस के आठ कार्यकर्ताओं नीरज यादव, शिव कुमार, निखिल, अनुज, हरकेश प्रधान, अमन प्रजापति, राजीव यादव और हरेंद्र को गिरफ्तार किया था। सभी को DCP वेस्ट करण गोयल के सामने पेश किया गया।

इसके बाद शनिवार 22 अगस्त की शाम करीब 7 बजे सभी को बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। वहीं, मामले में पुलिस विभाग की ओर से भी कार्रवाई हुई। सिविल लाइंस थाने के SHO समेत 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया।

सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में सिविल लाइंस थाने में तैनात नौ पुलिसकर्मी, QRT टीम के छह और सिक्योरिटी ब्रांच का एक ASI शामिल है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

गुरुग्राम में हुए प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था कि 21 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सैनी एक कार्यक्रम में शामिल होने गुरुग्राम आए थे। उनके मुताबिक, पूरे देश में युवाओं में भाजपा के खिलाफ नाराजगी है और इसी वजह से गुरुग्राम में NSUI और कांग्रेस से जुड़े युवाओं ने प्रदर्शन किया था।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा था कि प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया। उन्होंने पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर वर्दी फाड़ने के लगाए गए आरोपों को भी गलत बताया।

‘सिर्फ काले झंडे दिखाए, किसी से मारपीट नहीं की’

राव नरेंद्र सिंह ने कहा था कि पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की वर्दी फाड़ दी। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि नेताओं ने सिर्फ काले झंडे दिखाए थे और किसी के साथ मारपीट नहीं की

उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारी सड़क के किनारे खड़े थे। साथ ही उन्होंने उस समय लापता बताए जा रहे दोनों जिलाध्यक्षों को लेकर कहा था कि उन्हें उनके बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा था कि दोनों को सामने आना चाहिए और उन्हें पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा था कि कांग्रेस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

NSUI नेता के पिता से गलत व्यवहार का आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन में शामिल नेताओं के साथ मारपीट की गई और उनके परिवार वालों को परेशान किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि NSUI नेता के पिता के साथ गलत व्यवहार किया गया।

राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि सरकार के कहने पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा था कि कांग्रेस की शराफत को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।

नूंह में CM के दौरे से पहले पुलिस की कार्रवाई से सियासत गरमाई

गुरुग्राम में काले झंडे दिखाने की घटना, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, पुलिसकर्मियों के निलंबन और कांग्रेस के विरोध के बाद अब मुख्यमंत्री के नूंह दौरे से पहले युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया सहित कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने से राजनीतिक विवाद फिर तेज हो गया है।

एक तरफ पुलिस की ओर से मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए कार्रवाई की गई है, वहीं कांग्रेस इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रही है। नूंह विधायक चौधरी आफताब अहमद की सोशल मीडिया पोस्ट ने भी इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे दिया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का शनिवार को अनाज मंडी में मेवात कैडर के टीचरों के कार्यक्रम और मेवात विकास एजेंसी की बैठक में शामिल होने का कार्यक्रम है। इससे पहले कांग्रेस नेताओं की हाउस अरेस्ट की कार्रवाई ने नूंह में राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।