हरियाणा BJP नेताओं को मिलेगा बोलने का पाठ

हरियाणा में BJP नेताओं और प्रवक्ताओं को बोलने की ट्रेनिंग दी जाएगी। चंडीगढ़ में आयोजित सेशन में CM नायब सैनी और सुधांशू त्रिवेदी मुख्य वक्ता होंगे।

हरियाणा BJP नेताओं को मिलेगा बोलने का पाठ

हरियाणा में बीजेपी नेताओं को मिलेगी बोलने की विशेष ट्रेनिंग
चंडीगढ़ में होगा संचार प्रशिक्षण सत्र, CM सैनी होंगे उद्घाटक
विवादित बयानों से बचाव और अनुशासन पर रहेगा खास फोकस



हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी अब अपने नेताओं और प्रवक्ताओं को बोलने की बाकायदा ट्रेनिंग देने जा रही है। इसके लिए पार्टी ने चंडीगढ़ में विशेष ट्रेनिंग सेशन बुलाया है। इस सत्र का आयोजन हरियाणा निवास में किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री नायब सैनी दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

इस ट्रेनिंग सेशन में मुख्यमंत्री नायब सैनी और सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशू त्रिवेदी मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहेंगे। इनके अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर राजीव जेटली, सोशल मीडिया प्रमुख अरुण यादव और मीडिया प्रमुख अरविंद सैनी भी अलग-अलग विषयों पर नेताओं और प्रवक्ताओं को मार्गदर्शन देंगे।

बीजेपी द्वारा शुरू किए गए इस संचार प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नेताओं की कम्युनिकेशन स्किल को मजबूत करना है। इसमें पार्टी की नीतियों की जानकारी के साथ यह भी सिखाया जाएगा कि कब, क्या और कैसे बोलना है। खासतौर पर यह ट्रेनिंग नेताओं को विवादित बयानों से बचने और सार्वजनिक मंचों पर संतुलित बयान देने का तरीका सिखाएगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, ट्रेनिंग सेशन में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि किन मुद्दों पर बोलना है और किन पर चुप रहना बेहतर है। इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देने से नेताओं को रोका जा सकेगा।

इस कैंप के दौरान अनुशासन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया व कम्युनिकेशन एक्सपर्ट्स अलग-अलग सत्रों में नेताओं को यह समझाएंगे कि अनुशासनहीन बयान किस तरह पार्टी और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं

मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर राजीव जेटली के अनुसार, यह पहला मौका नहीं है जब पार्टी इस तरह का ट्रेनिंग सेशन आयोजित कर रही है। इससे पहले भी बीजेपी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए ऐसे सत्र आयोजित करती रही है, जिनमें अपडेटेड फैक्ट्स और पार्टी लाइन पर सख्ती से चलने की सलाह दी जाती है, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जा सके।