हरियाणा के सूबेदार नरेश कुमार पठानकोट में शहीद

गुरुग्राम के डाबोदा गांव के सूबेदार नरेश कुमार पठानकोट में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। अगले साल रिटायरमेंट थी। पत्नी DU में क्लर्क हैं और एक 18 वर्षीय बेटा है।

हरियाणा के सूबेदार नरेश कुमार पठानकोट में शहीद

  • गुरुग्राम के सूबेदार नरेश कुमार पठानकोट में ड्यूटी के दौरान शहीद

  • अगले साल होने वाली थी रिटायरमेंट; 27 साल की सेवा पूरी

  • पत्नी दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लर्क, 18 वर्षीय बेटा पढ़ाई कर रहा


हरियाणा के गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर क्षेत्र के डाबोदा गांव के रहने वाले सूबेदार नरेश कुमार यादव (46) पठानकोट में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अभी शहादत की परिस्थितियों का खुलासा नहीं हो पाया है। अधिकारियों ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर गुरुवार को गांव लाया जाएगा, जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

नरेश कुमार करीब 27 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और अगले वर्ष उनकी रिटायरमेंट निर्धारित थी। वह अपने परिवार के साथ बेहद सादगीपूर्ण जीवन जीते थे। उनके पिता हरपाल सिंह किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। दोनों बहनें शादीशुदा हैं।

शहीद नरेश कुमार की पत्नी दिल्ली यूनिवर्सिटी में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। उनका 18 वर्षीय इकलौता बेटा पढ़ाई कर रहा है। दो महीने पहले ही वह छुट्‌टी पर घर आए थे और अपने परिवार के साथ समय बिताकर वापस ड्यूटी पर लौट गए थे।

गांव के चेयरमैन सुरेंद्र यादव के अनुसार, नरेश कुमार अपने मिलनसार और शांत स्वभाव के कारण गांव में बेहद सम्मानित थे। उन्होंने हमेशा देश सेवा को सबसे ऊपर रखा और अपने सैन्य दायित्वों को पूरी निष्ठा और अनुशासन से निभाया।

शहादत की खबर मिलते ही पूरा गांव शोक में डूब गया। शहीद के घर पर ग्रामीणों, परिजनों और प्रशासनिक अधिकारियों का तांता लगा हुआ है। लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।