DGP बदलते ही पुलिस विभाग में फेरबदल, 22 SHO बदले
नए डीजीपी के कार्यभार संभालते ही गुरुग्राम में 22 इंस्पेक्टरों के ट्रांसफर किए गए। पॉश इलाकों के SHO बदले गए। साइबर क्राइम और अपराध नियंत्रण पर पुलिस का फोकस बढ़ा।
➤ DGP बदलते ही गुरुग्राम पुलिस में बड़ा फेरबदल
➤ पॉश इलाकों के SHO बदले, नजदीकी अफसरों की भी जिम्मेदारी बदली
➤ साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर सख्ती का संकेत
हरियाणा में नए डीजीपी के कार्यभार संभालते ही पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक संदेश देखने को मिला है। गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने एक साथ 22 इंस्पेक्टरों के तबादले कर दिए हैं। इस बड़े फेरबदल ने साफ कर दिया है कि अब पॉश इलाकों की पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण पर सीधी नजर रखी जाएगी।
इस ट्रांसफर लिस्ट में शहर के सबसे संवेदनशील और पॉश इलाके शामिल हैं। DLF, सुशांत लोक, सेक्टर-53, सेक्टर-65 और पालम विहार जैसे क्षेत्रों के थानों के SHO बदले गए हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई SHO ऐसे माने जाते थे जो वरिष्ठ अधिकारियों के नजदीकी बताए जाते हैं।
पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से इसे रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है, लेकिन पुलिस महकमे के अंदरखाने इसे DGP के नए एक्शन प्लान की पहली झलक माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी इसी तरह के सख्त फैसले देखने को मिल सकते हैं।
फेरबदल के तहत DLF फेस-1 थाने के SHO राजेश कुमार को सेक्टर-40 भेजा गया है। उनकी जगह सुशांत लोक थाने के SHO मनोज कुमार को DLF फेस-1 की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सुशांत लोक थाने में पुलिस लाइन से अमन कुमार की तैनाती की गई है।
सेक्टर-65 थाने में अजय वीर की जगह रामबीर को नया SHO बनाया गया है। DLF फेस-2 के SHO मनोज को ट्रैफिक थाने में भेजा गया है, जबकि उनकी जगह लाइन ऑफिसर जितेंद्र को नियुक्त किया गया है, जो पहले फर्रुखनगर थाने के SHO रह चुके हैं।
इसके अलावा सेक्टर-53, मानेसर, सेक्टर-56 सहित करीब डेढ़ दर्जन थानों के SHO को इधर से उधर किया गया है। कई अधिकारियों को पुलिस लाइन या अन्य जिलों में शिफ्ट किया गया है।
गुरुग्राम में तेजी से बढ़ती हाई-राइज सोसायटी, कॉर्पोरेट सेक्टर और साइबर सिटी कल्चर के कारण अपराध के तरीके भी बदले हैं। साइबर ठगी, वाहन चोरी, स्नैचिंग और संगठित गिरोहों की गतिविधियां लगातार चुनौती बन रही थीं।
इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने पॉश इलाकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। DLF, सुशांत लोक, पालम विहार और सेक्टर-56 जैसे क्षेत्रों में अपराध की बढ़ती शिकायतों ने इस फैसले को और जरूरी बना दिया था।
हाल ही में डीजीपी ने 2026 के लिए विशेष पुलिसिंग प्लान जारी किया था। इसमें साइबर क्राइम, ड्रग्स नेटवर्क और हिंसक अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की बात कही गई है। गुरुग्राम में STF और क्राइम ब्रांच को पहले ही सक्रिय किया जा चुका है।
नए SHO को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे गश्त बढ़ाएं, CCTV निगरानी मजबूत करें और RWA के साथ समन्वय बनाकर काम करें। यह फेरबदल ऐसे वक्त हुआ है, जब हरियाणा पुलिस पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना चुकी है।
Akhil Mahajan