तेज रफ्तार कार ने 4 युवकों को कुचला, 2 की मौत; दो ने ग्रीन बेल्ट में कूदकर बचने की कोशिश की, ड्राइवर भी घायल

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने चार युवकों को कुचल दिया। दो की मौत, दो घायल और कार चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ।

तेज रफ्तार कार ने 4 युवकों को कुचला, 2 की मौत; दो ने ग्रीन बेल्ट में कूदकर बचने की कोशिश की, ड्राइवर भी घायल

द्वारका एक्सप्रेसवे पर कार की टक्कर से बिजेंद्र और पप्पू की मौके पर मौत
सतीश और राम कुमार ने ग्रीन बेल्ट में कूदकर बचने की कोशिश की, फिर भी कार की चपेट में आए
दिल्ली यूनिवर्सिटी का 20 वर्षीय छात्र वेदान खन्ना कार चला रहा था, पुलिस जांच जारी


गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर देर रात एक भीषण सड़क हादसे में तेज रफ्तार कार ने डिवाइडर पर काम कर रहे चार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बिजेंद्र और पप्पू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी सतीश चंद और राम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के दौरान दोनों ने कार को अपनी तरफ आता देख जान बचाने के लिए एक्सप्रेसवे के बीच बनी ग्रीन बेल्ट में छलांग लगा दी, लेकिन कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह ग्रीन बेल्ट में भी जा घुसी और दोनों को चपेट में ले लिया। इसके बाद कार रेलिंग से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार चला रहा दिल्ली यूनिवर्सिटी का 20 वर्षीय छात्र वेदान खन्ना भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।

गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक्सीडेंट के बाद रेस्क्यू करते राहगीर और पुलिस जवान।

हादसा श्रीराम चौक के पास हुआ। बताया गया है कि उस समय द्वारका एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर को सुरक्षित करने के लिए लोहे की ग्रिल लगाने का काम चल रहा था। चारों युवक इसी काम में जुटे हुए थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों की हालत नाजुक बताई गई है।

मृतकों की पहचान बिजेंद्र और पप्पू के रूप में हुई है। दोनों मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले थे। वहीं सतीश चंद और राम कुमार हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कार चालक वेदान खन्ना भी घायल हुआ है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया है।

डिवाइडर पर चल रहा था सुरक्षा ग्रिल लगाने का काम

पुलिस के मुताबिक, हादसा देर रात उस समय हुआ जब द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास डिवाइडर को सुरक्षित करने के लिए लोहे की ग्रिल लगाने का काम चल रहा था। चारों युवक ग्रिल लगाने में जुटे हुए थे।

ग्रिल को लगाने के बाद बिजेंद्र और पप्पू उसके पेंच कस रहे थे, जबकि सतीश और राम कुमार ग्रिल को पकड़कर खड़े थे। इसी दौरान दिल्ली की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई और सीधे ग्रिल पकड़कर खड़े युवकों से जा टकराई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजेंद्र और पप्पू की मौके पर ही मौत हो गई। कार को तेजी से अपनी तरफ आता देखकर सतीश और राम कुमार ने एक्सप्रेसवे के बीच बनी ग्रीन बेल्ट की तरफ छलांग लगाकर बचने की कोशिश की।

ग्रीन बेल्ट में भी पहुंच गई तेज रफ्तार कार

कार की रफ्तार अधिक होने के कारण वह टक्कर के बाद भी नियंत्रित नहीं हो सकी। कार ग्रीन बेल्ट के अंदर जा घुसी और वहां जान बचाने के लिए कूदे सतीश और राम कुमार को भी अपनी चपेट में ले लिया।

इसके बाद कार रेलिंग से टकराकर रुक गई। टक्कर के कारण कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चालक वेदान खन्ना को भी गंभीर चोटें आईं।

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव का काम शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल युवकों और कार चालक को वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में वेदान खन्ना को प्राथमिक उपचार के बाद फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे

हादसे के बाद बजघेड़ा थाना पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी है। परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार सामने आई है। पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा इंतजामों पर भी उठे सवाल

हादसे के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे पर चल रहे काम के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, एक्सप्रेसवे जैसी व्यस्त और तेज रफ्तार सड़क पर काम होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी।

चश्मदीदों का कहना है कि काम वाली जगह पर रिफ्लेक्टिव सावधानी बोर्ड नहीं लगाए गए थे। इसके अलावा उचित बैरिकेडिंग भी नहीं की गई थी। सुरक्षा के नाम पर मौके पर केवल दो-तीन छोटे लाल रंग के प्लास्टिक सेफ्टी कोन रखे होने की बात सामने आई है।

रात के समय तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को सावधान करने के लिए ये इंतजाम पर्याप्त नहीं बताए गए। युवक खुली और चालू सड़क पर काम कर रहे थे। अंधेरा होने के कारण कार चालक को सड़क पर काम कर रहे युवक दिखाई नहीं दिए और कार सीधे उनकी तरफ चली गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौके पर पर्याप्त रोशनी और प्रॉपर बैरिकेडिंग होती तो हादसे को टाला जा सकता था। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर काम के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पुलिस बोली- जिसकी लापरवाही मिलेगी, कार्रवाई होगी

बजघेड़ा थाना पुलिस के अनुसार, दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवा दिया गया है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके आने का इंतजार किया जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार से हादसा होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी