गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत: सहजब पाठ और कीर्तन से गूंजी संगत
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर गुरुद्वारे में सहजब पाठ, कीर्तन, भोग और लंगर का आयोजन किया गया। संगत ने भारी संख्या में पहुंचकर गुरु साहिब को श्रद्धांजलि दी।
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गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर सहजब पाठ और गुरबाणी कीर्तन
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कमेटी ने गुरु जी की शहादत का स्मरण कर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया
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बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में संगत पहुंची, समाजसेवियों को किया गया सम्मान
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर शहर के गुरुद्वारे में सहजब पाठ और गुरबाणी कीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्री सहजब पाठ साहिब का भोग डाला गया।
कार्यक्रम में भाई गुरमुख सिंह ने मधुर कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कीर्तन के दौरान गुरु साहिब की शहादत और उनके अमर संदेश को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कमेटी प्रधान जगतार सिंह बिल्ला ने कहा कि 1675 ईस्वी में कश्मीरी पंडितों की पुकार पर गुरु तेग बहादुर जी दिल्ली पहुंचे और अत्याचारों के विरुद्ध धर्म की रक्षा हेतु अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद गुरु जी पर धर्म छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन गुरु जी ने सत्य और धर्म से समझौता करने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि गुरु जी के समक्ष उनके साथ गए भाई मतीदास, भाई सतीदास और भाई दयालदास को अत्यंत क्रूरता से शहीद किया गया, फिर भी गुरु साहिब अडिग रहे। अंततः दिल्ली के चांदनी चौक में गुरु जी का शीश उतारकर शहीद किया गया, जिसे आज शीशगंज गुरुद्वारा में सुरक्षित रखा गया है।
कार्यक्रम में पंजाब वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों ने गुरु चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। कमेटी द्वारा सोसाइटी का सम्मान करते हुए सरापा भेंट किया गया।
गुरुद्वारे में आई संगत ने गुरु का लंगर ग्रहण किया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पूरे कार्यक्रम में मौजूद रही।
मौके पर सोसाइटी प्रधान केयू संजीव, अनिल अरोड़ा, अमनदीप, श्याम सुंदर, बरेजा, ज्ञानचंद, तेजा, देवेंद्र, खन्ना, राजेश कपूर, हीरा सिंह, अनिल बेनीवाल, अशोक मेहंदी, रत्ता तिलक बत्रा, मदन, धमिजा सहित अनेक गणमान्य पहुंचे।
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