सोना पहली बार ₹1.5 लाख पार, चांदी की चाल भी रिकार्ड स्‍तर पर

सोना पहली बार ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम पार पहुंचा। 21 दिनों में सोना ₹21 हजार और चांदी ₹88 हजार महंगी हुई। ग्लोबल टेंशन और कमजोर रुपये से कीमतों में रिकॉर्ड तेजी।

सोना पहली बार ₹1.5 लाख पार,  चांदी की चाल भी रिकार्ड स्‍तर पर

तीन मुख्य बिंदु
सोना पहली बार ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा
21 दिनों में सोना ₹21 हजार और चांदी ₹88 हजार महंगी हुई
लगातार तीसरे दिन सोना-चांदी ऑलटाइम हाई पर बंद

विस्तृत खबर
देश में सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है। 21 जनवरी को पहली बार 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.5 लाख के पार चला गया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सोना आज ₹1,55,204 प्रति 10 ग्राम पर खुला था। दिन में हल्की गिरावट के बाद भी सोना ₹6,818 की बढ़त के साथ ₹1,54,227 पर बंद हुआ। बीते सिर्फ 21 दिनों में सोना ₹21,032 महंगा हो चुका है।

चांदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया है। 1 किलो चांदी आज ₹3,20,075 पर ओपन हुई और बाद में ₹9,752 की तेजी के साथ ₹3,19,097 प्रति किलो पर बंद हुई। महज 21 दिनों में चांदी ₹88,677 उछल चुकी है। सोना और चांदी दोनों ही लगातार तीसरे दिन ऑलटाइम हाई पर बने हुए हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लोबल टेंशन, डॉलर के मुकाबले रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी और सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी ने कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी और संभावित ट्रेड वॉर की आशंका से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सेफ हेवन यानी सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपया ₹91.10 के ऑलटाइम लो पर पहुंच गया है। इसका सीधा असर सोने की घरेलू कीमतों पर पड़ा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इंटरनेशनल मार्केट से आयात होने वाले सोने की लैंडिंग कॉस्ट बढ़ने से भारत में भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के लिए लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं। इससे सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा बनी हुई है।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिकी टैरिफ नीति और मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा, तो 2026 में सोना ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं चांदी के लिए ₹4 लाख प्रति किलो तक का अनुमान लगाया जा रहा है।

पिछले साल 2025 में सोना 75% और चांदी 167% तक महंगी हो चुकी है। जानकारों के मुताबिक, ग्रीन एनर्जी, सोलर और EV सेक्टर में बढ़ती मांग के चलते चांदी में लंबी अवधि की तेजी बनी रह सकती है।