शादी सीजन में राहत: सोना सस्ता, चांदी भी टूटी
24 फरवरी को MCX पर सोने में 1000 रुपये और चांदी में 1400 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। शादी सीजन में आई इस नरमी से खरीदारों और निवेशकों को राहत मिली है।
■ MCX पर अप्रैल एक्सपायरी गोल्ड 1,60,394 रुपये प्रति 10 ग्राम
■ शादी सीजन में खरीदारों के लिए राहत का मौका
शादियों और त्योहारों के सीजन में गहने खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सर्राफा बाजार से राहत भरी खबर आई है। मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब 1000 रुपये सस्ता हुआ है, जबकि चांदी में 1400 रुपये से ज्यादा की कमी आई है। लगातार ऊंचे दामों से परेशान खरीदारों के लिए यह गिरावट एक मौके की तरह देखी जा रही है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India पर 2 अप्रैल 2026 की एक्सपायरी वाला सोना 1,204 रुपये यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,60,394 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं 5 मार्च 2026 की एक्सपायरी वाली चांदी 1,416 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत फिसलकर 2,63,917 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन मौजूदा समय में खरीदारी करने वालों के लिए यह अच्छा अवसर है।
भारत में सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि भरोसेमंद निवेश का माध्यम भी माना जाता है। केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने हाल ही में कहा कि देश में शादी और त्योहारों के सीजन के कारण सोने की मांग बढ़ना एक सामान्य ट्रेंड है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार और Reserve Bank of India आयात और कीमतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव केवल घरेलू मांग की वजह से नहीं है। वैश्विक अस्थिरता, अमेरिका-ईरान तनाव और अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेल रही है। जब शेयर बाजार या मुद्रा बाजार में गिरावट आती है, तो निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है।
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी भी कीमती धातुओं के दाम बढ़ाने का बड़ा कारण बनी हुई है। पहले सोने की कीमतें मुख्य रूप से भारत और चीन की मांग पर निर्भर रहती थीं, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय खरीदारी ने बाजार की दिशा बदल दी है। रिजर्व मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर सोना और चांदी खरीदे जा रहे हैं, जिसका सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है।
ऐसे में फिलहाल आई यह गिरावट खरीदारों के लिए राहत जरूर है, लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
Akhil Mahajan