गोहाना में रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टूटी, 70 एकड़ फसल जलमग्न

गोहाना में रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टूटने से 60–70 एकड़ गेहूं और गन्ने की फसल डूब गई। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की।

गोहाना में रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टूटी, 70 एकड़ फसल जलमग्न
  • गोहाना में रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी नहर टूटी, 60–70 एकड़ फसल जलमग्न

  • किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया

  • जेसीबी से नहर बंद करने की कोशिश, प्रशासन देरी से पहुंचा



सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र में रोहतक डिस्ट्रीब्यूटरी नहर मंगलवार सुबह अचानक टूट गई। इसके बाद तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में भर गया। किसानों के अनुसार लगभग 60 से 70 एकड़ जमीन पूरी तरह जलमग्न हो गई। खेतों में खड़ी गेहूं और गन्ने की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गईं।

सुबह 6 बजे नहर टूटने की सूचना मिली तो किसान तुरंत मौके पर पहुंचे।

घटना सुबह करीब 6 बजे की है। गांव माहरा के किसानों को जैसे ही नहर टूटने की सूचना मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। किसानों ने बताया कि नहर की समय पर सफाई नहीं होती और जगह-जगह चूहों के बिलों ने दीवारों को कमजोर कर रखा है। इसी वजह से कई जगह छेद बने हुए थे, जिनमें अचानक पानी आने से नहर टूट गई।

नहर टूटने के बाद मौके पर पहुंचे किसान।

किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग को कई बार शिकायत भेजी गई थी, लेकिन सुधार का कोई काम नहीं हुआ। लापरवाही का नतीजा यह रहा कि कटाव बड़ा होता गया और पूरी रात खेत पानी में डूबते रहे। किसानों के अनुसार रात के समय नहर में पानी छोड़ना भी गलत था। अगर यही पानी दिन में छोड़ा जाता, तो किसान स्थिति को संभाल सकते थे।

किसान सतीश ने बताया कि प्रशासनिक मदद समय पर नहीं मिली। मजबूरी में किसानों ने खुद ही जेसीबी मशीन मंगवाकर कटाव को बंद कराने का काम शुरू किया। बाद में प्रशासन ने भी एक जेसीबी मौके पर भेजी, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। किसानों का कहना है कि खेतों में इस समय पानी की जरूरत नहीं थी, जिससे गेहूं और गन्ने की फसल पर भारी असर पड़ेगा। कई किसानों की पछेती फसल भी संकट में है।

घटना के बाद किसानों ने प्रशासन से नुकसान की भरपाई और उचित मुआवजा देने की मांग की है।