लेडी डॉक्टर और परिजनों के बीच मारकुटाई, मेडिकल कालेज में विवाद, जानें
फरीदाबाद के ESIC मेडिकल कॉलेज में मरीज की ब्लीडिंग को लेकर महिला डॉक्टर और परिजनों में विवाद हो गया। मोबाइल छीनने की कोशिश का वीडियो वायरल, डीन ने जांच के आदेश दिए।
- ESIC मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद में महिला डॉक्टर और परिजनों के बीच विवाद का वीडियो वायरल
- ब्लीडिंग वाले मरीज को लेकर परिजनों ने डॉक्टर बुलाने की मांग की
- मोबाइल छीनने की कोशिश का भी आरोप, डीन ने जांच के आदेश दिए
फरीदाबाद के एनआईटी-3 स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीज के परिजनों और महिला डॉक्टर के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कुछ दिन पुराना है, लेकिन सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्टाफ के व्यवहार पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति मरीज को लेकर अस्पताल के काउंटर पर खड़ा है और स्टाफ से शिकायत कर रहा है कि मरीज को लगातार ब्लीडिंग हो रही है और उसे तुरंत डॉक्टर की जरूरत है। वीडियो में आवाज साफ नहीं है, लेकिन काउंटर पर मौजूद महिला डॉक्टर यह कहती नजर आती हैं कि संबंधित डॉक्टर को सूचना दे दी गई है और ऊंची आवाज में बात करने की जरूरत नहीं है।
इस पर मरीज के परिजन सवाल उठाते हैं कि किस डॉक्टर को सूचना दी गई है और उसे तुरंत मौके पर बुलाने की मांग करते हैं। परिजनों का कहना है कि वे खुद भी अस्पताल से जुड़े हुए हैं। इसी बात को लेकर महिला डॉक्टर नाराज हो जाती हैं और कहती हैं कि वे अपनी तरफ से जो कर सकती थीं, कर चुकी हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और तेज हो जाती है।
वीडियो में यह भी नजर आता है कि रिकॉर्डिंग कर रहे व्यक्ति का मोबाइल छीनने की कोशिश की जाती है। इसी दौरान कई महिला कर्मचारी मौके पर पहुंच जाती हैं और माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो जाता है। कुछ स्टाफ सदस्यों द्वारा परिजन का हाथ पकड़ने की कोशिश करते हुए भी वीडियो में देखा जा सकता है।
जिस मरीज को लेकर विवाद हुआ, उसकी पहचान और बीमारी से जुड़ी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आ पाई है। वहीं, महिला डॉक्टर और अन्य स्टाफ को लेकर भी अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मामले पर ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय ने कहा कि उन्हें वीडियो की जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या गलती पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan