केंद्र सरकार का फर्जी ऑफिस पकड़ा, नीली बत्ती लगी कार से चलता था फर्जी अफसर, 4 महिलाएं रखी थीं स्टाफ में
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सिरसा में चल रहा था फर्जी ‘केंद्र सरकार का ऑफिस’, पुलिस ने किया पर्दाफाश
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हिसार का व्यक्ति खुद को केंद्र का अधिकारी बताकर करता था ठगी
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कार पर नीली बत्ती लगाकर घूमता था, ऑफिस में 4 महिलाएं रखी थीं बतौर स्टाफ
सिरसा: हरियाणा के सिरसा में पुलिस ने केंद्र सरकार के नाम पर चल रहे एक फर्जी दफ्तर का भंडाफोड़ किया है। यह ऑफिस बाकायदा सरकारी विभाग की तरह चलाया जा रहा था।
मुख्य आरोपी हिसार जिले का रहने वाला व्यक्ति है, जो खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास नीली बत्ती लगी कार भी थी, जिससे वह सरकारी अधिकारी का रुतबा दिखाकर इलाके में घूमता था।
ऑफिस में चार महिलाओं को बतौर स्टाफ काम पर रखा गया था, जो आने-जाने वाले लोगों से फाइलें तैयार करातीं और शिकायतें दर्ज करती थीं।
जब इस फर्जी ऑफिस की भनक प्रशासन को लगी, तो छापेमारी की गई और पूरा खेल सामने आ गया।
आरोपी लोगों को यह कहकर फँसाता था कि उसका ऑफिस केंद्र सरकार की शिकायत निवारण सेल से जुड़ा है।
वह आम नागरिकों से कहता था कि किसी भी सरकारी दिक्कत या फाइल का काम उसके माध्यम से तुरंत करवाया जा सकता है।
इसके बदले में फीस या कमीशन के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।
सिरसा पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इस ऑफिस को पूरी तरह से सरकारी ढंग से सजाया हुआ था— दीवारों पर भारत सरकार के प्रतीक चिन्ह, प्रधानमंत्री की तस्वीरें, और झंडा तक लगा था।
इतना ही नहीं, नीली बत्ती लगी कार से ऑफिस आने-जाने के दौरान वह स्थानीय लोगों और अधिकारियों को भी प्रभावित करता था।
छापे के दौरान पुलिस को वहां से फर्जी लेटरहेड, स्टांप, सरकारी मुहर और कई दस्तावेज बरामद हुए।
इन सभी पर भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के नाम और प्रतीक बने हुए थे।
पुलिस ने ऑफिस सील कर दिया है और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क बड़ा हो सकता है, क्योंकि आरोपी से कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनमें दूसरे जिलों से संपर्क के संकेत मिले हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने ऑफिस में काम करने वाली चार महिलाओं को 10 से 12 हजार रुपये वेतन पर रखा था।
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