दिल्ली ब्ला*स्ट मॉड्यूल की आरोपी लेडी डॉक्टर शाहीन सईद की कार से Russian क्रिनकोव असाल्ट राइफल और विदेशी पिस्टल बरामद

दिल्ली ब्लास्ट केस में आरोपी लेडी डॉक्टर शाहीन की ब्रेजा कार से क्रिनकोव राइफल, विदेशी पिस्टल, 18.50 लाख कैश और गोल्ड बरामद। NIA ने 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज किए, जांच जारी।

दिल्ली ब्ला*स्ट मॉड्यूल की आरोपी लेडी डॉक्टर शाहीन सईद की  कार से Russian क्रिनकोव असाल्ट राइफल और विदेशी पिस्टल बरामद

• दिल्ली ब्लास्ट मॉड्यूल की आरोपी लेडी डॉक्टर शाहीन सईद की ब्रेजा कार से क्रिनकोव असाल्ट राइफल और विदेशी पिस्टल बरामद
• सीक्रेट लॉकर से 18.50 लाख कैश, सोने के बिस्कुट और खाड़ी देशों की करेंसी भी मिली
• कार 25 सितंबर को कैश पेमेंट पर खरीदी, दिल्ली ब्लास्ट की प्री-प्लानिंग में इस्तेमाल हुई


दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार लेडी डॉक्टर शाहीन सईद को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से बरामद उसकी ब्रेजा कार की जांच में क्रिनकोव असाल्ट राइफल और एक विदेशी पिस्टल मिली थी। यह कार 13 नवंबर को मिली थी, यानी ब्लास्ट के तीन दिन बाद

खुलासा हुआ है कि यह वही कार है, जिसे 25 सितंबर 2025 को खरीदा गया था। फरीदाबाद के नीलम चौक स्थित TCS शोरूम से 10 लाख से ज्यादा की कैश पेमेंट कर कार ली गई। गाड़ी की डिलीवरी के समय डॉ. मुजम्मिल शकील उसके साथ था और सोशल मीडिया पर दोनों ने डिलीवरी की फोटो पोस्ट की थी।

सूत्रों के अनुसार, शाहीन की कारें अक्सर डॉ. मुजम्मिल इस्तेमाल करता था। दिल्ली ब्लास्ट में जिन कारों में विस्फोटक और सामग्री ढोई गई, वे भी डॉ. शाहीन और डॉ. उमर नबी के नाम थीं।

यूनिवर्सिटी हॉस्टल से मिला कैश और सोना

NIA की टीम जब अल-फलाह यूनिवर्सिटी के ब्लॉक-15 स्थित शाहीन के कमरे में पहुंची, तो सीक्रेट लॉकर से 18.50 लाख रुपए कैश, सोने के दो बिस्कुट और खाड़ी देशों की करेंसी बरामद हुई।

डॉ. शाहीन इस वक्त NIA की कस्टडी में है। एजेंसी अब तक यूनिवर्सिटी के 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें ज्यादातर जम्मू-कश्मीर से जुड़े हैं। जांच टीम सभी का बैकग्राउंड खंगाल रही है।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद मिली कार

10 नवंबर को लाल किले के सामने आई-20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें डॉ. उमर नबी खुद को उड़ा लिया था। अगले दिन 11 नवंबर को पुलिस ने डॉ. शाहीन को हिरासत में लिया। तलाशी में ब्रेजा की चाबी मिली, जिसके बाद कार से हथियार बरामद हुए।

क्रिनकोव राइफल क्यों महत्वपूर्ण

बरामद क्रिनकोव असाल्ट राइफल को 1979 में सोवियत संघ में बनाया गया था। यह कॉम्पैक्ट डिजाइन में होती है और कम जगह में छिपाई जा सकती है, जिससे यह आतंकियों की पसंद होती है।

कार की सीट के नीचे रखे थे हथियार

पुलिस जांच में पाया गया कि राइफल और पिस्टल कार की सीटों के नीचे छिपाई गई थीं। शुरू में किसी को हथियार दिखाई नहीं दिए, लेकिन गहन जांच के दौरान यह बरामद हुए। इससे पहले पुलिस डॉ. मुजम्मिल की स्विफ्ट कार से भी एक पिस्टल बरामद कर चुकी है, वह कार भी शाहीन के नाम थी।