हद है !कार से सराफा जाता था ये करोड़पति भिखारी: 10% प्रतिदिन ब्याज वसूलता पर कारोबारियों को बांट रखे लाखों, जानें
भिखारी की आड़ में सूदखोरी का बड़ा खेल सामने आया। आरोपी कार से सराफा बाजार जाता था, 4 लाख रुपए बांटकर रोज 10 प्रतिशत ब्याज वसूलता था।
- भिखारी की आड़ में चल रहा था सूदखोरी का करोड़ों का खेल
- कार से इंदौर के सराफा बाजार तक पहुंचता था आरोपी
- 4 लाख रुपए बाजार में लगाए, रोज 10 प्रतिशत ब्याज वसूली
सड़क किनारे कटोरा थामे दिखाई देने वाला यह शख्स असल में करोड़ों के खेल का मास्टरमाइंड निकला। भिखारी के वेश में घूमने वाला यह व्यक्ति कार से इंदौर के प्रसिद्ध सराफा बाजार तक जाता था और वहां कारोबारियों से लेनदेन करता था। पहली नजर में साधारण दिखने वाला यह शख्स दरअसल सूदखोरी के संगठित नेटवर्क को चला रहा था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग कारोबारियों और जरूरतमंद लोगों में करीब 4 लाख रुपए बांट रखे थे। यह रकम छोटी-छोटी किश्तों में दी जाती थी, ताकि किसी को शक न हो। खास बात यह थी कि वह रकम पर प्रतिदिन 10 प्रतिशत ब्याज वसूलता था। समय पर पैसा न लौटाने पर दबाव और धमकी का भी सहारा लिया जाता था।
सूत्रों के मुताबिक भिखारी की पहचान इसलिए नहीं हो पाती थी, क्योंकि वह दिन में भीख मांगता और शाम होते ही कार से सराफा बाजार की ओर निकल जाता था। वहां वह सोने-चांदी के कारोबारियों से मुलाकात करता और अपने पैसों का हिसाब-किताब करता था। कई लोग उसे एक साधारण फेरीवाला या छोटा निवेशक समझते रहे।
पुलिस को जब इस पूरे नेटवर्क की भनक लगी तो जांच शुरू की गई। पूछताछ में धीरे-धीरे परतें खुलीं और पता चला कि आरोपी के पास नकदी और लेनदेन का पूरा हिसाब मौजूद था। भिखारी की छवि उसके लिए ढाल बन गई थी, जिससे वह सालों तक शक से बचता रहा।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। जांच के दायरे में उन लोगों को भी लिया जा रहा है, जिन्होंने उससे पैसे लिए या ब्याज चुकाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
Akhil Mahajan