खांसी की दवा खाने से बच्चे की मौत, डॉक्टर समेत 10 की तबियत ख़राब
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से वितरित खांसी की दवा से दो बच्चों की मौत और एक की गंभीर स्थिति। राज्य सरकार ने 22 बैच की आपूर्ति पर रोक लगाई और जांच शुरू की।
➤ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से वितरित खांसी की दवा से बच्चों की मौत और गंभीर हालत
➤ दवा में पाया गया डेक्सट्रोमेथॉरफान हाइड्रोब्रोमाइड, 2021 दिल्ली हादसे से जुड़ी दवा
➤ राज्य सरकार ने 22 बैच की आपूर्ति पर रोक लगाई और जांच शुरू की
राजस्थान के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से वितरित खांसी की दवा से दो बच्चों की मौत और एक बच्चे की गंभीर हालत की घटना सामने आई है। सीकर जिले के खोरी ब्राह्मणान गांव में 5 वर्षीय नित्यान्श शर्मा की मौत हो गई, जबकि भरतपुर जिले के कळसाड़ा गांव में 3 वर्षीय गगन की हालत गंभीर बनी हुई है।
इन दोनों बच्चों को एक ही खांसी की दवा दी गई थी, जिसमें डेक्सट्रोमेथॉरफान हाइड्रोब्रोमाइड पाया गया। यह वही दवा है जो 2021 में दिल्ली में तीन बच्चों की मौत से जुड़ी थी। इस दवा का निर्माता कंपनी पहले भी आपूर्ति में अनियमितताओं के कारण ब्लैकलिस्ट की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इसे वितरित किया जा रहा था।
राज्य सरकार ने घटना के बाद 22 बैचों की आपूर्ति पर तत्काल रोक लगा दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना ने सरकारी अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता और वितरण प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर किया है।
मौके पर जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बच्चों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने आम जनता और स्वास्थ्य प्रणाली के लिए चेतावनी का काम किया है, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।