चार धाम यात्रा 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कपाट खुलने की तारीखें और पूरा प्रोसेस

चार धाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल, केदारनाथ 22 अप्रैल और बदरीनाथ 23 अप्रैल को खुलेंगे। जानें पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया।

चार धाम यात्रा 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कपाट खुलने की तारीखें और पूरा प्रोसेस

चार धाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 6 मार्च से शुरू
अक्षय तृतीया से यात्रा की शुरुआत, गंगोत्री-यमुनोत्री 19 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, बिना पंजीकरण यात्रा की अनुमति नहीं


उत्तराखंड में इस वर्ष होने वाली चार धाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए 6 मार्च 2026 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा और बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

हर साल लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने पहले से ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कब खुलेंगे चारों धाम के कपाट

इस वर्ष चार धाम यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया के पावन पर्व से होगा।

  • गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट: 19 अप्रैल 2026

  • केदारनाथ धाम के कपाट: 22 अप्रैल 2026

  • बदरीनाथ धाम के कपाट: 23 अप्रैल 2026

इन तिथियों से श्रद्धालु आधिकारिक रूप से चार धाम यात्रा शुरू कर सकेंगे।

ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

श्रद्धालु घर बैठे कई माध्यमों से अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

1. आधिकारिक वेबसाइट से
registrationandtouristcare.uk.gov.in वेबसाइट पर जाकर Register/Sign In विकल्प पर क्लिक करें और आवश्यक जानकारी भरें।

2. मोबाइल ऐप के माध्यम से
गूगल प्ले स्टोर से Tourist Care Uttarakhand ऐप डाउनलोड करके भी पंजीकरण किया जा सकता है।

3. व्हाट्सऐप के जरिए
मोबाइल नंबर +91 8394833833 पर “Yatra” लिखकर मैसेज भेजकर भी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

4. हेल्पलाइन नंबर
किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 0135-1364 पर संपर्क किया जा सकता है।

रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज


पंजीकरण के लिए श्रद्धालुओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे पहचान पत्र की आवश्यकता होगी। साथ ही एक सक्रिय मोबाइल नंबर भी जरूरी है। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद श्रद्धालु को QR कोड वाला ई-पास (E-Pass) जारी किया जाएगा। यात्रा के दौरान इसे अपने साथ रखना अनिवार्य होगा और कई जगहों पर इसे स्कैन करके एंट्री दी जाएगी।

पंजीकरण शुल्क और ऑफलाइन सुविधा


प्रशासन के अनुसार चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क है। जिन श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण में परेशानी होती है, उनके लिए 17 अप्रैल से ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी खोले जाएंगे।

केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग


केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही करें। प्रशासन ने फर्जी वेबसाइटों और दलालों से सावधान रहने की सलाह दी है।

यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान


प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी और स्वास्थ्य जांच जरूर करवा लें। इस बार भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सरकार ने पहले से रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी है ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित रह सके।

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