CBLU में छात्र पंचायत, GJU विवाद पर उबाल पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो 2 दिन बाद आंदोलन की चेतावनी

भिवानी की CBLU में छात्र संगठनों की पंचायत में GJU विवाद पर रोष जताया गया। पुलिस कार्रवाई न होने पर 2 दिन में आंदोलन की चेतावनी दी गई।

CBLU में छात्र पंचायत, GJU विवाद पर उबाल पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो 2 दिन बाद आंदोलन की चेतावनी

CBLU भिवानी में छात्र संगठनों की पंचायत, GJU विवाद पर गरम माहौल
पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
यूनिवर्सिटी प्रशासन पर पक्षपात के आरोप


हरियाणा के भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी में सोमवार को सर्व छात्र संगठन पंचायत आयोजित की गई, जिसमें कई प्रमुख छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में खासतौर पर गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) विवाद को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

पंचायत में INLD छात्र संगठन (INSDO/INSO), एनएसयूआई सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान INSO जिला अध्यक्ष जयदीप ग्रेवाल, NSUI के प्रदीप बुरा और सुमित बराड़ ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

छात्र नेताओं ने कहा कि हरियाणा की यूनिवर्सिटियों में छात्र संगठनों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि एबीवीपी को आसानी से अनुमति मिल जाती है। उन्होंने इसे छात्र हितों का हनन बताते हुए प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया।

छात्र नेताओं ने बताया कि ऐसा ही मामला GJU हिसार में सामने आया, जहां INSO द्वारा कार्यक्रम की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिग्विजय चौटाला वीसी से अनुमति लेने पहुंचे, तो उन्हें अनुमति देने की बजाय उनके खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में CBLU में भी ऐसा ही देखने को मिला, जहां INSO को कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई। छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटियों को RSS का अड्डा बनाया जा रहा है, जिसका वे सामूहिक विरोध करेंगे।

छात्र पंचायत में सभी संगठनों ने एक सुर में कहा कि यूनिवर्सिटी में हर छात्र संगठन को कार्यक्रम करने का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने GJU में कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

छात्र नेताओं ने प्रशासन और सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की यूनिवर्सिटी राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और आने वाले दिनों में इसका असर और तेज हो सकता है।