भिवानी के शहीद अनिल कुमार पंचतत्व में विलीन, भाई ने दी मुखाग्नि
भिवानी के SSB कॉन्स्टेबल अनिल कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उत्तराखंड में गश्त के दौरान पैर फिसलने से खाई में गिरकर वे शहीद हुए थे। दो साल पहले उनकी शादी हुई थी।
➤ भिवानी के शहीद कॉन्स्टेबल अनिल कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
➤ उत्तराखंड में गश्त के दौरान पैर फिसलने से खाई में गिरे थे, सिर में लगी थी गंभीर चोट
➤ दो साल पहले हुई थी शादी, भाई ने दी मुखाग्नि, “भारत माता की जय” के नारों से गूंजा गांव
भिवानी। हरियाणा के भिवानी जिले के खरकड़ी माखवान गांव के सपूत और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कॉन्स्टेबल अनिल कुमार आज राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। पूरे गांव में शोक और गर्व का माहौल रहा। शहीद के बड़े भाई सुनील कुमार ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अनिल कुमार, SSB की 55वीं वाहिनी में तैनात थे और उनकी ड्यूटी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में थी। शनिवार देर रात गश्त के दौरान पैर फिसलने से वे गहरी खाई में गिर गए, जिससे सिर पर गंभीर चोट आने से मौके पर ही उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
रविवार को पिथौरागढ़ में SSB अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया, जहां हजारों लोग नम आंखों से अंतिम विदाई देने पहुंचे।
अंतिम संस्कार के समय राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया। गांव “भारत माता की जय” और “शहीद अनिल कुमार अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
गांव के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि अनिल कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। दोनों बड़े भाई खेती करते हैं। पिता कृष्ण कुमार का निधन 4-5 साल पहले हो चुका है।
अनिल कुमार 10 जुलाई 2012 को SSB में भर्ती हुए थे और दो साल पहले उनकी शादी हुई थी। उनकी पत्नी उत्तराखंड में ही रहती थी। करीब दो महीने पहले वे पत्नी के साथ छुट्टी पर गांव आए थे।
19 अक्टूबर को परिवार को सूचना मिली कि अनिल कुमार ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए हैं। उनके बड़े भाई सुनील कुमार पार्थिव शरीर लेने पिथौरागढ़ गए थे।
शहीद के अंतिम संस्कार में SSB के जवान, जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारी, और हजारों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने फूल चढ़ाकर शहीद को अंतिम नमन किया।
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