₹8 हजार रिश्वत लेते फायरमैन गिरफ्तार:जली कार की NOC के बदले मांगे थे ₹10 हजार
बहादुरगढ़ में जली कार की NOC और रिपोर्ट के बदले रिश्वत मांगने वाले HKRN फायरमैन को ACB ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पहले भी शिकायतकर्ता से रुपये ले चुका था।
➤ बहादुरगढ़ में HKRN फायरमैन रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
➤ जली कार की रिपोर्ट और NOC के बदले मांगे थे ₹10 हजार
➤ शिकायत पर ACB ने ट्रैप लगाकर आरोपी को दबोचा
हरियाणा के बहादुरगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो (ACB) की रोहतक टीम ने अग्निशमन विभाग में तैनात HKRN फायरमैन श्रीभगवान को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सेक्टर-17 स्थित HSIIDC अग्निशमन कार्यालय में तैनात था। आरोप है कि उसने जली हुई कार की रिपोर्ट और NOC जारी करने के बदले शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा 8 हजार रुपये में तय हुआ। मंगलवार को जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 3 हजार रुपये की रिश्वत ली, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
KMP पर जली थी कार, रिपोर्ट के लिए मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार 14 जुलाई को बादली क्षेत्र के पास KMP एक्सप्रेसवे पर चुलकाना निवासी अजीत की ऑल्टो-800 कार में आग लग गई थी। सूचना मिलने पर दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इसके बाद अजीत रिपोर्ट और NOC लेने के लिए बहादुरगढ़ स्थित अग्निशमन कार्यालय पहुंचे, जहां आरोपी फायरमैन ने कथित रूप से रिश्वत की मांग की।
पहले ₹2 हजार लिए, फिर बाकी रकम के लिए बनाया दबाव
शिकायतकर्ता अजीत के अनुसार आरोपी 27 जुलाई को पहले ही 2 हजार रुपये ले चुका था। इसके बाद वह लगातार बाकी रकम देने का दबाव बना रहा था। परेशान होकर अजीत ने पूरे मामले की शिकायत हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो से कर दी।
ACB ने बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही दबोचा
शिकायत मिलने के बाद निरीक्षक रामचंद्र के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं महम शुगर मिल के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार की मौजूदगी में मंगलवार को कार्रवाई की गई। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 3 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब उससे पूछताछ कर यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस तरह की वसूली के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
Akhil Mahajan