खाना खाने के बाद सीने में जलन, इलाज सिर्फ दवा नहीं

40 के बाद एसिडिटी और रिफ्लक्स की समस्या आम हो जाती है। देर रात का भारी खाना, बढ़ा वजन और गलत सोने की आदतें इसे बढ़ाती हैं। डिनर समय, बाईं करवट सोना, सिरा ऊँचा करना और छोटे डाइट बदलाव मदद कर सकते हैं।

खाना खाने के बाद सीने में जलन, इलाज सिर्फ दवा नहीं

➤ 40 के बाद एसिडिटी की शिकायत आम, देर रात का भारी खाना और बढ़ा वजन बढ़ाते हैं जोखिम
➤ सोने से पहले डिनर समय, सिरा ऊँचा करना और बाईं करवट सोना मददगार
➤ प्लेट में प्रोटीन पहले, फ्लेयर-अप वाले खाद्य पदार्थ से बचें और छोटे बदलाव अपनाएं

40 वर्ष की उम्र के बाद कई लोग एसिडिटी और रिफ्लक्स जैसी समस्याओं से जूझने लगते हैं। देर से डिनर करना, लगातार बैठना, कमर पर वजन बढ़ना और रात में ‘चाय-बिस्किट’ जैसी आदतें इस समस्या को बढ़ाती हैं। उम्र के साथ पेट से खाना बाहर जाने की गति धीमी हो जाती है, जिससे एसिड ऊपर की ओर उठने लगता है।

न्यूट्रिशनिस्ट रेणु रखेजा के अनुसार, इसके मुख्य कारणों में धीमी पाचन गति, रात का भारी खाना और कमर पर दबाव शामिल हैं। इससे बचाव के लिए सोने से पहले कुछ सुधार किए जा सकते हैं। डिनर सोने से कम-से-कम 3 घंटे पहले करें, देर रात भूख लगे तो दही या भुना चना/पनीर खाएं, चाय-बिस्किट नहीं। बिस्तर का सिरा 10–15 सेंटीमीटर ऊँचा करें और बाईं करवट सोएं।

डाइट में छोटे बदलाव भी फायदेमंद हैं। भोजन की शुरुआत प्रोटीन से करें, फ्लेयर-अप वाले खाद्य पदार्थ जैसे कच्चा प्याज, साइट्रस, सिरका और अचार से बचें। बिस्किट की जगह भुना चना या मूंगफली खाएं, तैलीय खाने के बाद गरम पानी लें, और छोटी प्लेट लेकर धीरे-धीरे खाएं।

रेणु रखेजा ने 7 दिन का छोटा रीसेट भी सुझाया है। पहले दो दिन जल्दी डिनर और बाईं करवट सोना अपनाएं, अगले दो दिन प्रोटीन से शुरुआत करें और लेट-नाइट चाय-बिस्किट की जगह हेल्दी स्नैक्स खाएं। अंतिम तीन दिन हर भोजन के बाद 10 मिनट वॉक करें और अपने टॉप-2 ट्रिगर खाद्य पदार्थों को हटा दें।