AAP में बड़ा विवाद, जयहिंद का राघव चड्ढा पर सनसनीखेज आरोप

AAP के पूर्व नेता नवीन जयहिंद ने राघव चड्ढा पर मारपीट और फंड विवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पार्टी में अंदरूनी विवाद बढ़ गया है।

AAP में बड़ा विवाद, जयहिंद का राघव चड्ढा पर सनसनीखेज आरोप

नवीन जयहिंद ने राघव चड्ढा पर मारपीट का सनसनीखेज दावा किया
पंजाब से फंड कलेक्शन को लेकर केजरीवाल से विवाद का आरोप
राघव चड्ढा ने आरोपों के बीच खुद को बताया जनता की आवाज उठाने वाला नेता



हरियाणा के पंचकूला से आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पार्टी के पूर्व हरियाणा अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने AAP सांसद राघव चड्ढा को लेकर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। जयहिंद ने दावा किया है कि राघव चड्ढा को दिल्ली स्थित अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास में बुलाकर ‘मुर्गा बनाकर पीटा’ गया था।

रोहतक में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयहिंद ने कहा कि यह घटना 2024 के दौरान हुई थी, जब केजरीवाल और राघव चड्ढा के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद चरम पर था। उनके अनुसार, राघव को पंजाब में ‘शैडो सीएम’ बनाकर भेजा गया था और वहां से फंड इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि इस फंड को लेकर ही दोनों नेताओं के बीच बड़ा टकराव हुआ।

जयहिंद ने यह भी दावा किया कि इस कथित मारपीट में राघव चड्ढा की आंख पर चोट आई थी और उसी के इलाज के लिए वह इंग्लैंड गए थे। उन्होंने कहा कि लोगों को यह बताया गया कि राघव निजी यात्रा पर गए हैं, लेकिन असल वजह कुछ और थी। जयहिंद ने यह भी सवाल उठाया कि उस समय वहां मौजूद चार लोग कौन थे, जिन्होंने इस घटना को देखा।

इस पूरे मामले में जयहिंद ने राघव चड्ढा को “राजदार और मालदार” बताते हुए उनसे सच्चाई सामने लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राघव के पास पार्टी नेतृत्व से जुड़े कई राज हैं, जो अब सामने आने चाहिए।

वहीं, दूसरी ओर राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों के चलते उन्हें संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया जाएगा, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा जनता के मुद्दों को उठाना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी तरह का हंगामा करने नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने संसद जाते हैं।

इस विवाद के बीच जयहिंद ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद 2022 में पार्टी छोड़ दी थी और अब वह सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय हैं। उन्होंने AAP के भीतर नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी में एक ही परिवार का प्रभाव बढ़ गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जब मामला वरिष्ठ नेताओं से जुड़ा हो। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पार्टी की ओर से इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।