GJU को 3.83 करोड़ के 19 रिसर्च प्रोजेक्ट्स, AI और बायोटेक में शोध

गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) के 19 शिक्षकों और शोधार्थियों को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से 3.83 करोड़ रुपए के रिसर्च प्रोजेक्ट्स मिले। प्रोजेक्ट्स AI, बायोटेक और फार्मास्युटिकल साइंसेज सहित विभिन्न क्षेत्रों में होंगे।

GJU को 3.83 करोड़ के 19 रिसर्च प्रोजेक्ट्स, AI और बायोटेक में शोध

GJU को मिले 19 रिसर्च प्रोजेक्ट्स, 3.83 करोड़ का अनुदान
AI, बायोटेक, फार्मा समेत कई क्षेत्रों में शोध होगा
प्रोजेक्ट्स की अवधि दो साल, कुलपति ने दी प्रतिभागियों को बधाई


हिसार की गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) ने शोध के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के 19 शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से कुल 3.83 करोड़ रुपए के रिसर्च प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हुए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई है।

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस उपलब्धि पर सभी चयनित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट मिलना विश्वविद्यालय की शोध क्षमता और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यह पहल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा घोषित 20 करोड़ रुपए के अनुसंधान अनुदान के तहत संभव हुई। परिषद द्वारा आमंत्रित प्रस्तावों में GJU के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की, जिसका परिणाम अब सामने आया है।

कुलपति ने स्पष्ट किया कि शोध तभी सार्थक है, जब वह समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी साबित हो। उन्होंने शोधार्थियों को उच्च स्तरीय और प्रासंगिक शोध करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि विश्वविद्यालय लगातार अपने शोध इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है। इसके प्रभाव को आंकड़ों में भी देखा जा सकता है: एच-इंडेक्स: 141, स्कोपस पब्लिकेशन: 5834, कुल साइटेशन: 1.32 लाख से अधिक, और औसत पेपर साइटेशन: 22.66

इन 19 प्रोजेक्ट्स को विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों और शोधार्थियों को आवंटित किया गया है। इसमें बायोटेक्नोलॉजी से डॉ. नीरज दिलबागी और डॉ. सपना ग्रेवाल, फार्मास्युटिकल साइंसेज से डॉ. समृद्धि, डॉ. रेखा राव और डॉ. विक्रम जीत, कंप्यूटर साइंस में AI और डेटा साइंस, एनवायर्नमेंटल साइंस से डॉ. अनीता सिंह किरड़ोलिया, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से डॉ. मोहित कुमार और अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं।

प्रोजेक्ट्स के क्षेत्रों में बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्युटिकल साइंसेज, कंप्यूटर साइंस एंड AI, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, एनवायर्नमेंटल साइंस, फिजिक्स, इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस स्टडीज और प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी शामिल हैं। ये शोध समाज और उद्योग दोनों के लिए उपयोगी समाधानों पर केंद्रित होंगे, जैसे नई दवाओं और वैक्सीन का विकास, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा प्रबंधन, जल संरक्षण और क्लाइमेट चेंज रिसर्च, डिजिटल तकनीक और AI आधारित समाधान, आर्थिक नीतियों और स्टार्टअप मॉडल का विश्लेषण

कुलपति प्रो. बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती साख और शोध की गुणवत्ता इस उपलब्धि में परिलक्षित होती है।