प्रेमिका से कहा- बड़ा काम करने जा रहा हूं, सब सेट हो जाए और कर दी मंदिर में डेढ़ करोड़ की चोरी, पुलिस का रोचक खुलासा

थावे भवानी मंदिर में 1.08 करोड़ की चोरी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार। आरोपी 6 दिन पहले हिरासत में था। डिजिटल रेकी और पुलिस लापरवाही से हुआ बड़ा खुलासा।

प्रेमिका से कहा- बड़ा काम करने जा रहा हूं, सब सेट हो जाए और कर दी मंदिर में डेढ़ करोड़ की चोरी, पुलिस का रोचक खुलासा
  • थावे भवानी मंदिर चोरी का मास्टरमाइंड 6 दिन पहले पुलिस की पकड़ में आया था
  • शक के बावजूद आरोपी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया
  • डिजिटल रेकी और सुनियोजित प्लानिंग से की गई 1.08 करोड़ की चोरी


गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे भवानी मंदिर में हुई 1.08 करोड़ रुपए के आभूषण चोरी मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल चोरी का मास्टरमाइंड दीपक राय घटना से ठीक 6 दिन पहले पुलिस की हिरासत में आ चुका था, लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे छोड़ दिया गया।

पुलिस के अनुसार 10 और 11 दिसंबर की रात आरोपी थावे मंदिर परिसर में रेकी कर रहा था। संदेह होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर करीब 5 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को प्रेमिका से मिलने आया बताया और अपनी कहानी पर अड़ा रहा। बाद में उसने अपने पिता से पुलिस की बात करवाई, जिसके बाद पुलिस ने उसे सरकारी गाड़ी से रेलवे स्टेशन तक छोड़ दिया।

मास्टरमाइंड की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के निवासी दीपक राय के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दीपक ने स्वीकार किया कि उसने चोरी की पूरी योजना पहले से तैयार की थी। उसने 13 नवंबर को जेल से छूटने के बाद अपनी गर्लफ्रेंड से कहा था कि वह एक बड़ा काम करने जा रहा है और उसकी जिंदगी सेट होने वाली है।

SP अवधेश दीक्षित के अनुसार, थावे मंदिर से पहले दीपक की नजर महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर पर थी। 6 से 8 दिसंबर के बीच उसने गूगल और यूट्यूब पर मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था, गर्भगृह, मुकुट और कैमरा एंगल से जुड़े वीडियो और तस्वीरें खंगालीं। दूरी ज्यादा होने के कारण उसने पुणे का प्लान छोड़ दिया और थावे मंदिर को निशाना बनाया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 9 से 13 दिसंबर के बीच 10 से 12 यूट्यूब वीडियो, मंदिर की वेबसाइट, श्रद्धालुओं की रील्स, ड्रोन फुटेज और गूगल मैप का इस्तेमाल कर चोरी की पूरी ब्लूप्रिंट तैयार की। सीसीटीवी फुटेज में 10 और 11 दिसंबर की रात निर्माणाधीन भवन और मंदिर की ओर उसकी गतिविधियां कैद हुई हैं।

मामले का खुलासा एक अज्ञात फोन कॉल से हुआ। पुलिस को सूचना मिली कि गाजीपुर का एक शातिर चोर इस चोरी में शामिल है। इसके बाद गाजीपुर में छापेमारी की गई और तकनीकी जांच में मंदिर के लॉकर, दीवार और रस्सी पर मिले फिंगर प्रिंट दीपक राय से मैच हो गए। 22 दिसंबर की रात उसे यूपी बॉर्डर के पास गोपालगंज से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दीपक राय पेशेवर मंदिर चोर है। वह इससे पहले वाराणसी, मऊ और पूर्वांचल के कई बड़े मंदिरों में चोरी कर चुका है। मार्च 2025 में मऊ के शीतला भवानी मंदिर चोरी कांड में वह जेल गया था। 3 नवंबर 2025 को जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से वारदात को अंजाम दिया।

आरोपी ने चोरी किए गए आभूषण अपने पास न रखकर अपने साथी को सौंप दिए थे, ताकि पकड़े जाने पर कोई बरामदगी न हो। पुलिस ने उसके पास से रॉड कटर, मोबाइल फोन, बाइक, बैग और वारदात के समय पहने कपड़े बरामद किए हैं। मोबाइल में चोरी के बाद भी सोने और आभूषणों की कीमत सर्च करने के सबूत मिले हैं।

17 दिसंबर को चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर मां दुर्गा की प्रतिमा से सोने-चांदी के आभूषण, 251 ग्राम का सोने का मुकुट और दानपेटी चोरी की थी। कुल चोरी की कीमत 1.08 करोड़ रुपए आंकी गई है। मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर टीओपी प्रभारी को निलंबित किया गया है और चार सैप जवानों को बर्खास्त किया गया है।