शिमला मॉल रोड पर शर्मनाक हरकत: साधु के भेष में लड़कियों से छेड़छाड़, VIDEO वायरल होते ही पुलिस ने दबोचा आरोपी
शिमला मॉल रोड पर लड़कियों से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने साधु के वेश में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
■ शिमला मॉल रोड पर लड़कियों से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल
■ साधु के वेश में आरोपी राजस्थान का निकला, पुलिस ने हिरासत में लिया
■ पॉश इलाके में घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सबसे व्यस्त और पॉश इलाके मॉल रोड पर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति साधु के वेश में राह चलती युवतियों को अनुचित तरीके से छूता नजर आया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान नारायण दास के रूप में हुई है, जो राजस्थान के जमदोली गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार वह पहले भी साल 2025 में शिमला आ चुका था और इस बार भी घूमने आया था। घटना के बाद वह कालका लौटने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही उसे पकड़ लिया। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला तब सामने आया जब किसी व्यक्ति ने आरोपी की हरकतों का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी साधु के वेश में नंगे पांव मॉल रोड पर घूम रहा है और राह चलती लड़कियों को गलत तरीके से छू रहा है। आसपास मौजूद लोग भी उसकी हरकतों से हैरान नजर आ रहे हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह पुलिस कंट्रोल रूम से करीब 100 मीटर, सदर थाना से लगभग 200 मीटर, एसपी ऑफिस से करीब 500 मीटर और पुलिस मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
इस मामले पर एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को तलाश कर हिरासत में लिया है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Akhil Mahajan