हरियाणा में पानी को लेकर हाहाकार, पार्षद बोले जूतों की माला लेकर घर आई महिला

रोहतक नगर निगम की बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों पर लापरवाही और अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। एक पार्षद ने कहा कि महिला जूतों की माला लेकर घर आई और बोली अधिकारी सुनते नहीं। पानी-सीवर की समस्याओं पर भी जमकर हंगामा हुआ।

हरियाणा में पानी को लेकर हाहाकार, पार्षद बोले  जूतों की माला लेकर घर आई महिला
  • रोहतक नगर निगम बैठक में अधिकारियों की लापरवाही पर तीखी नाराजगी

  • पार्षद बोले- महिला जूतों की माला लेकर घर आई और बोली अधिकारी सुनते नहीं

  • पानी और सीवर की समस्याओं पर निगम अधिकारियों से जवाब-तलब


    रोहतक नगर निगम की बैठक शुक्रवार को एक बार फिर गरमागरमी और आरोप-प्रत्यारोप से भरी रही। पार्षदों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि शहर की समस्याओं के समाधान के बजाय फाइलें दफ्तरों में ही दबा दी जाती हैं।

    एक पार्षद ने बैठक में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि हाल ही में एक महिला जूतों की माला लेकर उनके घर आई और गुस्से में कहा कि निगम अधिकारी सुनते ही नहीं। उन्होंने कहा कि जनता अब बेहद नाराज है और यह गुस्सा अधिकारियों की लापरवाही की देन है।

    बैठक में खास तौर पर पानी और सीवर की समस्याओं को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। पार्षदों ने अधिकारियों से सवाल दागते हुए कहा—
    क्या कभी पानी-सीवर विभाग के अधिकारी फील्ड में गए हैं? हमने कितनी शिकायतें दीं, लेकिन चार महीने में कोई समाधान नहीं हुआ। पांच किलोड़ियों में 15 दिन से पीने का पानी नहीं है। महिलाओं को मेरे घर आना पड़ा।

    पार्षदों ने आरोप लगाया कि जब जनता कॉल करती है, तब कोई सुनवाई नहीं होती, लेकिन जैसे ही दबाव बनता है तो तुरंत लाइन बदल दी जाती है। उन्होंने कहा—
    हर बार नया अधिकारी मीटिंग में आता है। SDO से पूछो कि पिछले चार महीने में कितनी शिकायतें सुलझाईं? ठेकेदार 30,000 रुपये का बिल उठाता है लेकिन काम एक घंटे का भी पूरा नहीं होता।

    बैठक में माहौल इतना गरमा गया कि कई बार अधिकारियों और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। पार्षदों ने कहा कि जनता की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं लेकिन नगर निगम का रवैया बिल्कुल उदासीन है।

    अब सवाल यह है कि क्या इस बार पार्षदों की नाराजगी और जनता का गुस्सा निगम प्रशासन को सच में झकझोरेगा या फिर ये शिकायतें भी बाकी शिकायतों की तरह कागजों में ही दबकर रह जाएंगी।