जब्त शराब बेचने का खुलासा: तीन पुलिसकर्मी निलंबित, थाना प्रभारी लाइन हाजिर

जब्त शराब को नष्ट करने की बजाय बाजार में बेचने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित और थाना प्रबंधक को लाइन हाजिर किया गया है।

जब्त शराब बेचने का खुलासा: तीन पुलिसकर्मी निलंबित, थाना प्रभारी लाइन हाजिर

➤ जब्त शराब नष्ट करने की बजाय बाजार में बेचने का आरोप
➤ तीन पुलिसकर्मी निलंबित, थाना प्रबंधक लाइन हाजिर
➤ डीएसपी जांच रिपोर्ट के बाद एसपी की सख्त कार्रवाई


हरियाणा के रोहतक जिले के महम थाना क्षेत्र में पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। थाने में जब्त की गई शराब को नियमों के तहत नष्ट करने के बजाय कथित तौर पर बाजार में बेचने का खुलासा हुआ है। मामले की जांच पूरी होने के बाद एसपी सुरेंद्र भौरिया ने सख्त कदम उठाते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया, जबकि थाना प्रबंधक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर यह कार्रवाई पुलिस की छवि पर लगे दाग को साफ करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, करीब दस दिन पहले थाने में रखी जब्त शराब को नियमानुसार पूरी तरह नष्ट नहीं किया गया था। आरोप है कि इस शराब को बाहरी व्यक्तियों की मिलीभगत से बाजार में बेच दिया गया। इस अनियमितता की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो मामला गंभीर हो गया। एसपी सुरेंद्र भौरिया ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश देते हुए यह जिम्मेदारी डीएसपी गुलाब सिंह को सौंपी।

डीएसपी गुलाब सिंह ने पूरे मामले की गहन जांच की, मालखाने के रिकॉर्ड और जब्ती रजिस्टर की पड़ताल की तथा संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच रिपोर्ट तैयार कर एसपी को सौंप दी गई। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए थाना प्रबंधक उप-निरीक्षक सुभाष को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके अलावा ईएचसी ज्योतिस्वरूप (मालखाना मोहरर), एमएचसी जयभगवान और एसए ईएसआई सतपाल को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, दोपहर एक बजे इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। इस घटना के बाद पुलिस विभाग के आंतरिक नियंत्रण और जब्त माल के रखरखाव की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।