रेलवे TTE मनप्रीत मलिक हत्याकांड में पांचों दोषियों को उम्रकैद
पानीपत जिला एवं सत्र अदालत ने रेलवे TTE मनप्रीत मलिक हत्याकांड में पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। CCTV और गवाहों की गवाही से दोष सिद्ध हुआ।
- रेलवे TTE मनप्रीत मलिक हत्याकांड में पांचों दोषियों को उम्रकैद
- पानीपत जिला एवं सत्र अदालत का बड़ा फैसला, तीन साल बाद न्याय
- CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शी की गवाही बनी सजा का आधार
पानीपत की जिला एवं सत्र अदालत ने सनौली रोड पर हुए चर्चित रेलवे TTE मनप्रीत मलिक हत्याकांड में गुरुवार को सजा का ऐलान किया। अदालत ने मुख्य आरोपी नीतीश सहित सभी पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह वारदात करीब तीन साल पहले हुई थी और इसने पूरे शहर को झकझोर दिया था।
अदालत के फैसले के अनुसार दोषियों में गांव कुराड़ निवासी 20 वर्षीय नीतीश, 19 वर्षीय जयकरण, 19 वर्षीय कार्तिक, गांव धनसौली निवासी 21 वर्षीय सचिन और विद्यानंद कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय कपिल शामिल हैं। कोर्ट ने मौके की CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शी चाचा की गवाही को अहम मानते हुए दोष सिद्ध माना।
अभियोजन के अनुसार घटना 5 अक्टूबर 2022 की शाम की है। पुलिस रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर बताया गया कि सनौली रोड क्षेत्र में मनप्रीत मलिक और एक अन्य युवक पर समूह द्वारा हमला किया गया, जिसमें मनप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां से स्थिति गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 148, 149, 302, 307 और 323 के तहत केस दर्ज किया था।
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, लंबी तफ्तीश और साक्ष्यों के आधार पर सभी पांचों आरोपियों की भूमिका सिद्ध हुई। वहीं, प्रारंभ में नामजद अरविंद गुर्जर को जांच में निर्दोष पाए जाने पर मामले से बाहर कर दिया गया था।
Akhil Mahajan