प्रदूषण में देश में नंबर-2 पर पानीपत, AQI 800 के पार
पानीपत प्रदूषण में देश में दूसरे नंबर पर पहुंचा। AQI 800 पार, GRAP-3 लागू होने के बावजूद मिनी सचिवालय में AQI मीटर बंद और निर्माण कार्य जारी।
- पानीपत प्रदूषण में देश में नंबर-2, AQI 800 के पार
- मिनी सचिवालय का AQI मीटर दिवाली से बंद, निर्माण कार्य जारी
- GRAP-3 लागू होने के बावजूद PCB की गंभीर लापरवाही उजागर
औद्योगिक नगरी पानीपत में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 800 के पार पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोई सख्त कदम उठाते नहीं दिख रहे हैं।
ताजा मामला जिला मिनी सचिवालय के वीआईपी गेट से जुड़ा है। यहां नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य लगातार जारी है। हैरानी की बात यह है कि इसी स्थान पर लगा एयर क्वालिटी मॉनिटर (AQI Meter) दिवाली के बाद से ही बंद पड़ा है।
आरोप है कि मीटर को जानबूझकर बंद रखा गया है, ताकि निर्माण कार्य से खराब हो रही हवा का वास्तविक प्रदूषण स्तर सामने न आ सके। जब जिले में ग्रैप-3 (GRAP-3) लागू है, तब निर्माण गतिविधियों का जारी रहना और अधिकारियों की अनदेखी उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।
प्रदूषण के मामले में पानीपत हाल ही में देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दूसरे नंबर पर रहा है। इसके अलावा केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की एक रिपोर्ट में पानीपत को उन 9 जिलों और 32 शहरों में शामिल किया गया है, जो ड्रेन के जरिए यमुना नदी को सबसे ज्यादा प्रदूषित कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार पानीपत के कई गांवों का भूजल पीने लायक नहीं बचा है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण को लेकर ठोस कदम उठते नजर नहीं आ रहे हैं।
स्थानीय बोर्ड की निष्क्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में बाहरी टीमों ने पानीपत की 4 फैक्ट्रियों को सील किया। वहीं सीएम फ्लाइंग की टीम ने ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल युक्त पानी डालने वाले टैंकरों पर कार्रवाई की।
इसके उलट, स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अब तक किसी बड़ी या निर्णायक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों की नाक के नीचे चल रही इस लापरवाही ने शहर की जनता को जहरीली हवा और दूषित पानी के भरोसे छोड़ दिया है।
अब सवाल यह है कि क्या इस पूरे मामले में प्रदूषण बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या पानीपत की जनता यूं ही प्रदूषण की मार झेलती रहेगी।
Akhil Mahajan