हरियाणा खैर कांड: शिकायत करने वाला दरोगा ही निकला घूसखोर, 8 गिरफ्तार

पंचकूला खैर तस्करी मामले में शिकायतकर्ता वन दरोगा ही घूस लेते पकड़ा गया, केस में पीसी-7 एक्ट जोड़ा गया और 11 आरोपी गिरफ्तार।

हरियाणा खैर कांड: शिकायत करने वाला दरोगा ही निकला घूसखोर, 8  गिरफ्तार

खैर तस्करी केस में वन दरोगा की भूमिका संदिग्ध
मंथली लेकर तस्करों को खुली छूट देने के आरोप
पीसी-7 एक्ट जोड़कर जांच और सख्त हुई



हरियाणा के पंचकूला में चल रहे खैर तस्करी प्रकरण में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जिस वन दरोगा ने खुद इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थी, वही अब जांच के घेरे में आ गया है। आरोप है कि वन दरोगा रघुविंद्र सिंह तस्करों से मंथली लेकर उन्हें जंगल में अवैध कटाई की खुली छूट दे रहा था। मामले में रिश्वतखोरी सामने आने के बाद अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पीसी-7 एक्ट की धारा भी जोड़ दी गई है, जिससे केस और गंभीर हो गया है।

जानकारी के अनुसार, चंडीमंदिर थाना क्षेत्र में वन विभाग की ओर से शिकायत दी गई थी कि आसरेवाली सुरक्षित वन क्षेत्र में खैर के पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई की गई है। 25 फरवरी को हुई जांच में करीब 400 से 500 पेड़ों के काटे जाने का खुलासा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने 10 मार्च को मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस की टीम ने इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए 12 मार्च को मुख्य आरोपी इमरान उर्फ मान्ना को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही हबीब खान, शकिल, सराफत, यासिन और समीम को भी पकड़ा गया। अगले दिन कोर्ट में पेश कर आरोपियों का तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। जांच के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य नानक और तकी खान को भी गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि हिमाचल प्रदेश के सोलन निवासी दिलबहादुर चोरी की गई खैर की लकड़ी को खरीदकर आगे बेचता था, जबकि अली मोहम्मद उर्फ रोशन इस नेटवर्क में ट्रांसपोर्टर की भूमिका निभा रहा था। आरोपी संगठित तरीके से जंगल में पेड़ों की कटाई कर उन्हें बाजार में खपाते थे।

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जांच में खुद शिकायतकर्ता वन दरोगा रघुविंद्र सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सामने आया कि मुख्य आरोपी इमरान हर महीने उसे रिश्वत देता था। इसके बाद पुलिस ने 15 मार्च को रघुविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। 16 मार्च को इमरान, दिलबहादुर और रघुविंद्र को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने करीब 10 क्विंटल 50 किलो खैर की लकड़ी, नकदी, पेड़ काटने के औजार और दो पिकअप वाहन बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें कटाई करने वाले, खरीददार, ट्रांसपोर्टर और खुद वन अधिकारी शामिल है। पुलिस लगातार छापेमारी कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।