राज्यसभा में खरगे का तंज, देवेगौड़ा पर बोले- ‘मोहब्बत हमसे, शादी उनसे’, सदन में गूंजे ठहाके
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने देवेगौड़ा पर मजाकिया तंज कसते हुए कहा ‘मोहब्बत हमसे, शादी उनसे’, जिस पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा और पीएम मोदी भी मुस्कुराए।
■ खरगे के मजाकिया बयान पर सदन में ठहाके, मोदी भी मुस्कुराए
■ देवेगौड़ा और अठावले पर तंज से हल्का हुआ माहौल
■ विदाई भाषण में राजनीति पर दी बड़ी सीख
नई दिल्ली में राज्यसभा के दौरान सांसदों की विदाई के मौके पर उस समय हल्का-फुल्का माहौल बन गया, जब विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने खास अंदाज में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा पर मजाकिया तंज कसा। उनके इस बयान पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुस्कुराते नजर आए।
खरगे ने कहा कि वह देवेगौड़ा को पिछले 54 वर्षों से जानते हैं और उनके साथ काम भी किया है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि “मोहब्बत हमारे साथ की और शादी मोदी जी के साथ कर ली।” इस टिप्पणी पर सदन में हंसी की लहर दौड़ गई।
#WATCH | Delhi | On Former Prime Minister and Rajya Sabha MP, HD Deve Gowda, Congress National President and LoP, Rajya Sabha, Mallikarjun Kharge says, "...I know Deve Gowda ji for more than 54 years and I worked with him a lot. Later, I don't know what happened...' Wo mohabbat… pic.twitter.com/FTyNLCQIzB — ANI (@ANI) March 18, 2026
खरगे यहीं नहीं रुके, उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि अठावले अपनी कविताओं में हमेशा प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हैं और ऐसा लगता है कि उन्हें इसके अलावा कोई और कविता आती ही नहीं। इस पर एक बार फिर सदन में ठहाके गूंज उठे।
हालांकि, इस हास्य के बीच खरगे ने गंभीर संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में कोई भी व्यक्ति कभी पूरी तरह से सेवानिवृत्त नहीं होता। देश सेवा का जज्बा हमेशा बना रहता है, चाहे व्यक्ति किसी पद पर हो या न हो।
उन्होंने राज्यसभा के अनुभव को बेहद कीमती बताते हुए कहा कि इस सदन में उन्होंने बहुत कुछ सीखा। साथ ही, अप्रैल से जुलाई के बीच सेवानिवृत्त होने वाले सभी सांसदों को शुभकामनाएं भी दीं।
खरगे ने वरिष्ठ नेता शरद पवार के सदन में वापस आने पर खुशी जताई और दिग्विजय सिंह, के.टी.एस. तुलसी और अभिषेक मनु सिंघवी के संसदीय योगदान की भी सराहना की।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस तरह के हल्के-फुल्के पल सदन के तनावपूर्ण माहौल को संतुलित करते हैं और नेताओं के बीच संवाद को सहज बनाते हैं।
Akhil Mahajan