सभी जिलों के टॉप 10 बदमाशों को 20 नवंबर तक जेल में ठूंस दें, अपराध हुआ तो एसएचओ समेतअफसर होंगे जिम्मेदार
हरियाणा के DGP OP सिंह ने 20 नवंबर तक टॉप क्रिमिनल्स गिरफ्तार करने का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिलों व जोन को सूची बनाकर फरार व सक्रिय अपराधियों को जेल भेजने का आदेश।
➤DGP OP सिंह ने 20 नवंबर तक बड़े अभियान का आदेश दिया
➤हर जिले व जोन में टॉप क्रिमिनल लिस्ट बनाकर उन्हें जेल में ठूंसने का निर्देश
➤जिम्मेदार अधिकारी तय: यदि बड़ा अपराध हुआ तो स्थानीय SHO सहित बड़े ऑफिसर होंगे जवाबदेह
हरियाणा पुलिस प्रदेश में गिरोहबंदी व चोरी-फायरिंग जैसे संगीन अपराधों पर कड़ा प्रहार करने जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि 20 नवंबर तक हर जिले के टॉप 10 बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इस अभियान का नेतृत्व प्रदेश के डीजीपी O P सिंह कर रहे हैं।
डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि जिन अपराधियों की पहचान नहीं हुई है, उन्हें चिन्हित करें। जिनकी पहचान हो चुकी है लेकिन वे फरार हैं, उन्हें किसी भी हाल में पकड़ कर जेल दाखिल कराया जाए। जमानत पर बाहर चल रहे संदिग्धों की हिस्ट्री शीट खोलकर उनकी सक्रियता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि वे सुनियोजित अपराधों में संलग्न पाए गए तो उनके खिलाफ संगठित अपराध की धाराएँ लगाई जाएँगी और उनसे अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर जब्त किया जाएगा।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रश्न-पोषण करने वालों, संरक्षण व आश्रय देने वालों के विरुद्ध भी विधि सम्मत सख्त कार्रवाई की जाए। हर जिले के SHO व DSP अपने-अपने क्षेत्रों के टॉप 5 क्रिमिनल की सूची बनाकर उन्हें प्राथमिकता से गिरफ्तार करेंगे। साथ ही हर जिला व जोन टॉप 10 क्रिमिनल की लिस्ट तैयार करेंगे और इनके पकड़ाने के लिए SP/DCP/CP जिम्मेदार होंगे।
राज्य स्तरीय समन्वय के अंतर्गत STF टॉप 20 क्रिमिनल की सूची बनाएगा और इनके विरुद्ध व्यापक ऑपरेशन चलाएगा। ऑपरेशन के समन्वय के लिए IG क्राइम राकेश आर्य को सौंपा गया है। DGP ने नागरिकों से भी अपील की है कि कोई भी सूचना देने के लिए नंबर +91 90342 90495 पर संपर्क कर सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सूचनाकार की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
डीजीपी ने कड़ा संदेश दिया है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई बड़ा आपराधिक मामला घटता है तो उस इलाके के SHO सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार माने जाएँगे। अभियान के लिए पड़ोसी राज्यों पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली व चंडीगढ़ से भी सहयोग लिया जाएगा।
कुल मिलाकर यह अभियान प्रदेश में गिरोह पर शिकंजा कसने, पुराने सक्रिय अपराधियों को निशाना बनाने और अपराध की साख कम करने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अभियान के दौरान कानून का पूरा पालन होगा और निर्दोषों के साथ अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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