नूंह में नाबालिग से दुष्कर्म पर 20 साल की सजा फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला
नूंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 वर्ष की कठोर कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
■ फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने सुनाई 20 वर्ष की कठोर कैद
■ POCSO एक्ट व IPC की धाराओं में दोषी करार, कुल 70 हजार जुर्माना
■ सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, प्रभावी सजा 20 साल
हरियाणा के नूंह जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने दोषी साद उर्फ इक्का को 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला 21 अक्टूबर का है। घटना के समय पीड़िता के परिजन मजदूरी के सिलसिले में पंजाब गए हुए थे। रात करीब 10 बजे नाबालिग अपने घर में सो रही थी। इसी दौरान आरोपी घर में घुसा, उसका मुंह बंद किया और जबरन उसे उठाकर जंगल में बने एक कोठड़े में ले गया, जहां दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
POCSO और IPC की धाराओं में सजा
अदालत ने आरोपी को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष की कठोर कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 450 और 366 के तहत 5-5 वर्ष की सजा तथा 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। IPC की धारा 506 के तहत 2 वर्ष की सजा भी सुनाई गई।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जिसके चलते दोषी को प्रभावी रूप से 20 वर्ष की सजा ही भुगतनी होगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
साथ ही, आरोपी द्वारा पहले से बिताई गई न्यायिक हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
shubham