NCRB रिपोर्ट 2023 में क्राइम रैंकिंग में हरियाणा देश में चौथे स्थान पर, जानें क्या हैं वजहें
NCRB क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में हरियाणा चौथे स्थान पर। 67 हजार बिजली-पानी चोरी केस और 100% मिसिंग कंप्लेंट दर्ज करने की नीति से बढ़ा आंकड़ा। DGP बोले- अपराध दर नहीं, पारदर्शिता का नतीजा।
➤ NCRB रिपोर्ट 2023 में हरियाणा चौथे स्थान पर
➤ 67 हजार बिजली-पानी चोरी के केस बने बड़ी वजह
➤ 100% मिसिंग कंप्लेंट दर्ज करने वाली पहली पुलिस
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट क्राइम इन इंडिया 2023 जारी की है, जिसमें हरियाणा को पूरे देश में चौथे स्थान पर रखा गया है। यह आंकड़ा पहली नज़र में चौंकाने वाला लगता है, लेकिन जब रिपोर्ट की गहराई में जाते हैं तो समझ आता है कि यह बढ़ा हुआ ग्राफ वास्तव में अपराध बढ़ने का नहीं, बल्कि हर मामले को दर्ज करने की सख्त और पारदर्शी नीति का परिणाम है।
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP शत्रुजीत कपूर) ने भी साफ कहा है कि इन आंकड़ों को अपराध की अधिकता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर दर्ज मुकदमों की प्रकृति का विश्लेषण किया जाए तो साफ होगा कि हरियाणा ने शिकायत दर्ज करने और एफआईआर रजिस्ट्रेशन को लेकर एक जन-केंद्रित पॉलिसी अपनाई है, जिसका असर इन आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में हरियाणा में कुल 2,24,216 एफआईआर दर्ज हुईं। इनमें से बड़ी संख्या बिजली और पानी चोरी के मामलों की है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार के कार्यकाल में यह निर्देश जारी किए गए थे कि बिजली-पानी चोरी जैसे मामलों में भी एफआईआर दर्ज की जाए। परिणामस्वरूप करीब 67 हजार मामले अकेले इसी श्रेणी में दर्ज हुए। यह नीति अन्य राज्यों में लागू नहीं है, जिसके कारण तुलना में हरियाणा का आंकड़ा बढ़ा हुआ नजर आता है।
दूसरी बड़ी वजह है 100 प्रतिशत मिसिंग कंप्लेंट दर्ज करना। NCRB के अनुसार, पूरे देश में वर्ष 2023 में करीब 32 हजार मिसिंग मामले दर्ज हुए, जिनमें से 15,529 हरियाणा से संबंधित हैं। बाकी राज्यों में ऐसे केस कई बार दर्ज ही नहीं होते, जबकि हरियाणा पुलिस ने इसे अपनी प्राथमिकता बनाई है कि चाहे व्यक्ति घर से स्वेच्छा से गया हो या गंभीर स्थिति में गायब हुआ हो, हर स्थिति में एफआईआर दर्ज होगी और कार्रवाई होगी।
तीसरा अहम कारण है चार्जशीट दाखिल करने की दर। रिपोर्ट बताती है कि हरियाणा में दर्ज मुकदमों में से 56 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दायर की जाती है। इसका सीधा अर्थ है कि पुलिस केवल मामले दर्ज नहीं करती, बल्कि उन पर आगे कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित करती है।
डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने कहा कि यह रिपोर्ट दरअसल हरियाणा पुलिस की पारदर्शिता और जवाबदेही को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि दर्ज मामलों में से 83,113 मुकदमे केवल दो श्रेणियों—बिजली चोरी और मिसिंग केस—के ही हैं। अगर इन्हें अलग कर दिया जाए तो प्रदेश की वास्तविक अपराध दर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष 10 से भी नीचे चली जाएगी।
Akhil Mahajan