BJP पदाधिकारी की कथित ऑडियो से मचा बवाल, नौकरी लगवाने के नाम पर पैसों की चर्चा!
कुरुक्षेत्र में BJP पदाधिकारी और कार्यकर्ता की कथित वायरल ऑडियो चर्चा में है। नौकरी लगवाने के नाम पर पैसों के लेनदेन की बात होने का दावा किया जा रहा है।
➤ कुरुक्षेत्र में BJP पदाधिकारी और कार्यकर्ता की कथित ऑडियो वायरल
➤ नौकरी लगवाने के बदले पैसों के लेनदेन की चर्चा होने का दावा
➤ ऑडियो पर चुप्पी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोनों ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में एक कथित वायरल ऑडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रही दो ऑडियो क्लिप्स में कथित तौर पर एक BJP पदाधिकारी और एक कार्यकर्ता के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। बातचीत में किसी काम को करवाने के बदले पैसों के लेनदेन की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता की आधिकारिक पुष्टि किसी जांच एजेंसी या संबंधित पक्ष की ओर से नहीं की गई है।
पदाधिकारी से संपर्क की कोशिश, जवाब नहीं मिला
मामले की सच्चाई जानने के लिए संबंधित पदाधिकारी से फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि उनकी ओर से कॉल रिसीव नहीं की गई और न ही भेजे गए संदेशों का कोई जवाब दिया गया।
ऑडियो वायरल होने के बाद से संबंधित पदाधिकारी की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है।
कार्यकर्ता ने भी कुछ कहने से किया इनकार
दूसरे पक्ष से बातचीत में संबंधित कार्यकर्ता ने भी मामले पर खुलकर बोलने से इनकार कर दिया। उसने केवल इतना कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहता और इस संबंध में उन्हीं लोगों से बात की जाए, जिन पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
इसके बाद उसने बातचीत समाप्त कर दी।
नौकरी लगवाने के नाम पर पैसों की मांग का दावा
सूत्रों के अनुसार, मामला एक व्यक्ति की होमगार्ड नौकरी से जुड़ा बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि नौकरी बहाल या स्थायी करवाने के नाम पर दो लाख रुपए की मांग की गई थी।
बताया जा रहा है कि रकम दो किस्तों में देने की बात हुई थी, जिसमें आधी राशि पहले और बाकी काम होने के बाद देने का कथित समझौता हुआ था। हालांकि इन दावों और पैसों के लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदेश संगठन तक पहुंची थी शिकायत
सूत्रों का कहना है कि यह बातचीत करीब दो महीने पुरानी बताई जा रही है। काम नहीं होने के बाद कथित तौर पर ऑडियो को प्रदेश स्तर के संगठन तक पहुंचाया गया था।
इसके बाद संगठनात्मक बदलावों के चलते मामला ठंडा पड़ गया, लेकिन अब ऑडियो वायरल होने के बाद यह फिर चर्चा में आ गया है।
जांच और प्रतिक्रिया पर नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में किसी जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता क्या है और आगे इस मामले में कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
Akhil Mahajan