दोस्ती, इश्क और शादी ....लेकिन दूल्हा निकला नाबालिग
करनाल के निर्मल विहार मंदिर में हुई लव मैरिज बाल विवाह निकली। जांच में लड़का नाबालिग पाया गया। प्रेमिका, पंडित और गवाहों पर पुलिस केस दर्ज।
• करनाल के निर्मल विहार स्थित मंदिर में हुई लव मैरिज बाल विवाह निकली
• जांच में लड़का 21 साल से कम उम्र का पाया गया, शादी गैरकानूनी घोषित
• पंडित और गवाहों सहित प्रेमिका पर भी पुलिस केस दर्ज
करनाल के निर्मल विहार क्षेत्र में स्थित एक मंदिर में हुई प्रेमी जोड़े की लव मैरिज का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। जांच में सामने आया कि विवाह के समय लड़का 21 वर्ष से कम उम्र का था, जिसके चलते यह शादी बाल विवाह की श्रेणी में आ गई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मामले की शुरुआत 14 जनवरी को हुई, जब संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करनाल को एक शिकायत प्राप्त हुई। यह शिकायत सीतामाई चौकी इंचार्ज की ओर से दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि 13 जनवरी की शाम एक प्रेमी जोड़ा चौकी पहुंचा और मंदिर में शादी करने की जानकारी दी। दस्तावेजों की जांच के दौरान शादी बाल विवाह पाई गई।
लड़की ने अपने बयान में बताया कि उसने मां बगलामुखी ज्योतिष अनुष्ठान केंद्र, श्री हनुमान मंदिर, निर्मल विहार करनाल में अपनी मर्जी से हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। शादी पंडित कमलकांत ने कराई और विवाह प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के अनुसार लड़की की जन्मतिथि 20 सितंबर 2003 पाई गई, जिससे वह विवाह के समय 22 वर्ष से अधिक थी।
वहीं, लड़के द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार उसकी जन्मतिथि 25 मार्च 2005 दर्ज है। इस आधार पर विवाह के समय उसकी उम्र 20 वर्ष 2 माह निकली, जो कानूनन निर्धारित आयु से कम है। इस कारण उसे नाबालिग माना गया।
जांच पूरी होने के बाद संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने रिपोर्ट एसपी करनाल को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर थाना सेक्टर-32/33 में प्रेमिका, पंडित कमलकांत और गवाह प्रवीन व मनीष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि केस की जांच जारी है और आगे गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने स्पष्ट किया कि मैरिज एक्ट 2006 के अनुसार लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। इस मामले में लड़का नाबालिग होने के कारण यह विवाह कानूनी रूप से अमान्य है।
Akhil Mahajan