अब करनाल में 7 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुबह क्लास में पहुंचे थे बच्चे

करनाल जिले में 7 से ज्यादा नामी स्कूलों को ई-मेल से बम की धमकी मिली, जिसके बाद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर स्कूल खाली कराए गए। साइबर थाना मामले की जांच कर रहा है।

अब करनाल में 7 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुबह क्लास में पहुंचे थे बच्चे

  • करनाल के 7 से अधिक नामी स्कूलों को ई-मेल से बम की धमकी
  • सुबह क्लास में पहुंचे बच्चे, तुरंत खाली कराए गए स्कूल
  • साइबर थाना जांच में जुटा, पेरेंट्स से पैनिक न करने की अपील

हरियाणा के करनाल जिले में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब 7 से ज्यादा नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई। धमकी भरे ई-मेल स्कूल समय के दौरान चेक किए गए, तब तक बड़ी संख्या में बच्चे कक्षाओं में पहुंच चुके थे। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बिना देरी किए अभिभावकों को सूचना देकर स्कूल परिसर खाली कराने का फैसला लिया।

धमकी मिलने की पुष्टि सबसे पहले प्रकाश कौर पब्लिक स्कूल और प्रताप पब्लिक स्कूल में हुई। प्रकाश स्कूल की प्राचार्या अनुप्रिया ने बताया कि स्कूल खुलने के बाद जब ई-मेल चेक किए गए, तो उसमें स्कूल को उड़ाने की धमकी लिखी हुई थी। सूचना मिलते ही बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी छात्रों को कक्षाओं से बाहर निकालकर स्कूल खाली कराया गया

इसके अलावा दयाल सिंह स्कूल, घरौंडा, बस्तली, असंध सहित करनाल जिले के अन्य नामी स्कूलों को भी यही धमकी भरा ई-मेल मिला। सूचना मिलते ही सभी स्कूलों के प्रबंधन ने पेरेंट्स को फोन कर बच्चों को तुरंत लेने के लिए बुलाया। कुछ ही देर में स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भारी भीड़ जमा हो गई और बच्चे सुरक्षित अपने घर लौटे।

स्कूल प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम के दौरान शांति बनाए रखने की कोशिश की गई, ताकि बच्चों में किसी तरह का डर न फैले। वहीं मामले की सूचना मिलते ही लोकल पुलिस और साइबर थाना करनाल को शिकायत दी गई।

साइबर थाना करनाल की टीम धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी जांच में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका उद्देश्य था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

प्रताप पब्लिक स्कूल के संचालक प्रतीक ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और अभिभावक किसी भी तरह का पैनिक न करें। वहीं पुलिस पीआरओ जितेंद्र ने भी साफ किया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है।