करनाल में PF-ESI घोटाला, 23 कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी
करनाल के उचानी स्थित पशुपालन विश्वविद्यालय यूनिट में PF-ESI घोटाला सामने आया। फर्जी चालान लगाकर 23 कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी, पुलिस ने केस दर्ज किया।
■ कर्मचारियों की सैलरी से कटौती, लेकिन PF-ESI में जमा नहीं करवाई रकम
■ फर्जी चालान लगाकर यूनिवर्सिटी को किया गुमराह, बड़ा वित्तीय घोटाला सामने
■ 23 कर्मचारियों के हक का पैसा हड़पने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस
करनाल जिले के उचानी स्थित पशुपालन विश्वविद्यालय की एक यूनिट में PF और ESI अंशदान में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार फर्म ने कर्मचारियों की सैलरी से पैसा काटा, लेकिन उसे संबंधित विभागों में जमा नहीं करवाया।
इसके बजाय फर्जी चालान लगाकर यूनिवर्सिटी को गुमराह किया गया और बिल पास करवाए गए। मामले के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लवण्या एंटरप्राइजेज को मिला था ठेका
शिकायत के अनुसार, एम/एस लवण्या एंटरप्राइजेज, हिसार को 1 अगस्त 2018 से 30 जून 2019 तक आउटसोर्सिंग के तहत मैनपावर उपलब्ध कराने का ठेका दिया गया था। यह ठेका बाद में बढ़ाकर 31 मई 2021 तक कर दिया गया।
फर्म ने हर महीने यूनिवर्सिटी को बिल देते समय यह प्रमाणित किया कि कर्मचारियों का PF और ESI अंशदान जमा करवा दिया गया है, लेकिन जांच में यह दावा गलत निकला।
फर्जी चालान से किया गया बड़ा खेल
जब कर्मचारियों की शिकायतों के बाद रिकॉर्ड की जांच की गई, तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के डेटा से मिलान में बड़ा खुलासा हुआ।
पता चला कि फर्म द्वारा लगाए गए अधिकांश चालान फर्जी और जाली थे। केवल कुछ महीनों की राशि ही जमा करवाई गई थी, जबकि बाकी रकम का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
23 कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी, बैंक गारंटी भी जब्त
इस घोटाले में कुल 23 कर्मचारियों के PF और ESI अंशदान में गड़बड़ी सामने आई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फर्म की बैंक गारंटी जब्त कर ली है।
इसके अलावा फर्म को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया गया। यहां तक कि रजिस्टर्ड डाक भी वापस लौट आई, जिससे फर्म की भूमिका और संदिग्ध हो गई।
थाना सदर करनाल में केस दर्ज, जांच शुरू
इस मामले में थाना सदर करनाल में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई डॉ. अनीता गांगुली (रीजनल डायरेक्टर, एचपीवीके उचानी) की शिकायत पर की गई।
पुलिस ने बताया कि फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है और सभी दस्तावेजों की जांच जारी है।
pooja