करनाल में कष्ट निवारण समिति बैठक: गैर मुमकिन जमीन मामले में पटवारी सस्पेंड

करनाल जिला कष्ट निवारण समिति बैठक में गैर मुमकिन जमीन लॉक न करने पर पटवारी सस्पेंड। 13 शिकायतें सुनाई गईं, 7 का मौके पर समाधान। रिकवरी नहीं देने पर FIR की चेतावनी।

करनाल में कष्ट निवारण समिति बैठक: गैर मुमकिन जमीन मामले में पटवारी सस्पेंड

करनाल कष्ट निवारण समिति बैठक में 13 शिकायतें, 7 का मौके पर निपटारा
गैर मुमकिन जमीन को लॉक न करने पर पटवारी सस्पेंड
ईश्वर सिंह से रिकवरी, नहीं देने पर FIR की चेतावनी


करनाल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में बुधवार को कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। बैठक में कुल 13 शिकायतें सामने आईं, जिनमें से 7 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि 6 शिकायतों को अगली बैठक तक पेंडिंग रखा गया है।

इस दौरान अपने कार्य में कोताही बरतने पर एक पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया। मामले में सांभली-अमुपुर गांव की गैर मुमकिन जमीन को लॉक नहीं किया गया था और गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन करवाया गया। जमीन मूल रूप से खेती योग्य नहीं थी, लेकिन पटवारी ने रिकॉर्ड में इसे जीरी दर्शाकर बिक्री प्रक्रिया पूरी कर दी।

मंत्री गंगवा ने बताया कि ईश्वर सिंह नाम के व्यक्ति ने यह जमीन लीज पर ली थी। पंचायत के ओटीपी की अनुमति के बाद इसे आगे बेचा गया, जो प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि ईश्वर सिंह से रिकवरी की जाएगी और यदि वह रिकवरी से मुकरते हैं तो FIR दर्ज की जाएगी।

बैठक में उपस्थित लोगों ने मंत्री के सामने भूमि, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा और अन्य विभागों से संबंधित मामले रखे। मंत्री ने अधिकारियों को लोगों की समस्याओं के समाधान में देरी न होने की सख्त हिदायत दी।

राजनीतिक टिप्पणी भी की
कांग्रेस द्वारा वोट चोरी पर रैली की घोषणा पर मंत्री गंगवा ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि लोगों ने उन्हें उनके कार्यों से समझा और भाजपा पर विश्वास किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जो कहती है, वह करती है, इसलिए सभी वर्ग आज उसके साथ खड़े हैं।

एसवाईएल पर बोले – हरियाणा को उसका हक मिलना चाहिए
गंगवा ने कहा कि एसवाईएल हरियाणा का अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन होना चाहिए। पंजाब सरकार के बयान को उन्होंने असंवैधानिक बताया।

लाडो लक्ष्मी योजना
लाडो लक्ष्मी योजना की दूसरी किस्त पर उन्होंने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई यह योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। एक लाख रुपए सालाना आय वाली महिलाओं को पहले लाभ दिया जा रहा है।