‘क्रॉस वोटिंग बीजेपी का खेल’, 5वें विधायक का नाम जल्द आएगा सामने: हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाए और कहा कि पांचवें विधायक का नाम जल्द सामने आएगा।
■ हुड्डा बोले क्रॉस वोटिंग में बीजेपी की भूमिका शक के घेरे में
■ 4 विधायकों के नाम सामने, 5वें का खुलासा जल्द
■ राज्यपाल से मिलकर लोकतंत्र की गरिमा पर उठाए सवाल
करनाल/चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी घमासान और तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने करनाल दौरे के दौरान क्रॉस वोटिंग और विधायकों पर दबाव के मुद्दे पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स के “बड़े आकाओं के खेल” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह किसी बीजेपी नेता का खेल हो सकता है, कांग्रेस का नहीं।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के प्रभारी द्वारा चार विधायकों के नाम सामने लाए जा चुके हैं, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि पांचवें विधायक का नाम भी अगले एक-दो दिन में उजागर हो जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “कोई किसी को नहीं बचाएगा” और सच्चाई सामने आएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। हुड्डा का आरोप है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान लोकतंत्र की गरिमा, विधानसभा की प्रतिष्ठा और विधायकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जबरदस्ती और हर तरह के हथकंडे अपनाए गए।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि चार वोट जबरदस्ती रद्द किए गए, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने इसे “प्रजातंत्र का गला दबाने की कोशिश” बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक हैं।
कांग्रेस विधायक शैली चौधरी के वीडियो जारी करने और राजनीति छोड़ने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि उन्हें पार्टी द्वारा जारी नोटिस का जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की सदस्यता समाप्त नहीं होगी।
इस पूरे मामले में कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद के बयान ने भी सियासत को और गरमा दिया है। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास ऐसी रिकॉर्डिंग है, जिसमें कथित तौर पर विधायकों को प्रभावित करने के प्रयास की बात सामने आती है। हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं बीजेपी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस अपनी अंदरूनी कलह को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के भीतर असंतोष का नतीजा है, न कि किसी बाहरी दबाव या खरीद-फरोख्त का।
इस सियासी घमासान में इनेलो और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी चर्चा में है। विपक्ष जहां चुनावी समीकरण प्रभावित करने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्तापक्ष इसे सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया बता रहा है।
फिलहाल, यह स्पष्ट है कि हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद राजनीति में तनाव चरम पर है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Akhil Mahajan